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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, विषय-वार मेरिट सूची की समीक्षा के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग ने बुधवार को 4,161 मास्टर कैडर भर्ती के तहत नियुक्त 253 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। इन शिक्षकों की नियुक्ति लगभग तीन साल पहले हुई थी। प्रभावित शिक्षकों में से 20 जालंधर जिले के हैं, जिनमें गणित के आठ, पंजाबी के पांच, सामाजिक विज्ञान के पांच और विज्ञान के दो शिक्षक शामिल हैं। ये सभी सरकारी स्कूलों में तैनात हैं और इन्हें अपनी आधिकारिक लॉगिन आईडी के माध्यम से सेवा समाप्ति के आदेश प्राप्त हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन शिक्षकों की नियुक्ति मई 2023 और फरवरी 2024 में हुई थी। हालांकि, अन्य उम्मीदवारों द्वारा अदालत में इनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई, जिसके चलते उत्तर कुंजी (आंसर की) की समीक्षा की गई और मेरिट सूची में संशोधन किया गया। इन 253 शिक्षकों के संशोधित अंक निर्धारित कट-ऑफ से कम हो गए, जिससे उनका चयन प्रभावित हुआ। यह प्रक्रिया 6 मई को शुरू हुई, जब स्कूल शिक्षा निदेशालय (माध्यमिक) ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित शिक्षकों को 'कारण बताओ नोटिस' (शो-कॉज नोटिस) जारी करें और 21 दिनों के भीतर उनसे जवाब मांगें।
इसके बाद, कुछ शिक्षकों ने इन नोटिसों के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिक्षकों के जवाबों पर विचार करें और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपनी बात रखने का मौका (पर्सनल हियरिंग) दें। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि कोई भी प्रतिकूल निर्णय सुनाए जाने के 10 दिनों तक लागू नहीं किया जाएगा, ताकि शिक्षकों को कानूनी उपाय खोजने का समय मिल सके।
28 अक्टूबर के अपने आदेश में, निदेशालय ने कहा कि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने से पहले उनके जवाबों पर विचार किया गया, उन्हें व्यक्तिगत रूप से सुना गया और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की गई। ये आदेश संबंधित स्कूल प्रमुखों के माध्यम से प्राप्त होने के 10 दिन बाद प्रभावी होंगे। 4,161 मास्टर कैडर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरमेल सिंह ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि लगभग तीन साल तक सेवा देने के बाद इन शिक्षकों की नौकरी चली गई है।
उन्होंने कहा, "उनकी आजीविका छीन ली गई है। कई शिक्षक अन्य सरकारी नौकरियों के लिए निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। यह राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक काला दिन है।" शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने इन नियुक्तियों को रद्द किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार की गई है।
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