Leh And Ladakh

लद्दाख को मिला पहला मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

Ratna Netam
20 Oct 2026 4:35 PM IST
लद्दाख को मिला पहला मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
x
लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लोगों के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह में लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह मेडिकल कॉलेज शैक्षणिक सत्र 2027-28 से संचालित होने की उम्मीद है। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी दी। उन्होंने इस फैसले को क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि लेह में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का लंबे समय से देखा जा रहा सपना अब साकार होने जा रहा है।उन्होंने लिखा, "लेह में लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज अब हकीकत बनने जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसे 2027-28 शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की मंजूरी दे दी है।"उपराज्यपाल ने इस फैसले के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
80 प्रतिशत निर्माण की शर्त में मिली विशेष छूट
मेडिकल कॉलेज को शुरू करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक राहत भी प्रदान की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फैकल्टी और सहायक कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने से पहले आवश्यक बुनियादी ढांचे का 80 प्रतिशत निर्माण पूरा होने की शर्त में एक बार के लिए छूट दी है।इस फैसले से प्रशासन को कॉलेज के निर्माण कार्य के साथ-साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती संबंधी तैयारियां शुरू करने में सुविधा मिलेगी।उपराज्यपाल सक्सेना ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इस संबंध में अनुरोध किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस अनुरोध पर विचार करते हुए विशेष छूट प्रदान की।हालांकि, इस छूट का अर्थ यह नहीं है कि कॉलेज बिना आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विद्यार्थियों को प्रवेश दे सकेगा। पढ़ाई शुरू करने के लिए संबंधित नियामकीय मानकों और अन्य आवश्यक अनुमतियों का पालन करना होगा।
लद्दाख के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
लद्दाख में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के नए अवसर उपलब्ध होंगे। वर्तमान में चिकित्सा की पढ़ाई करने के इच्छुक कई विद्यार्थियों को प्रदेश से बाहर के संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है।स्थानीय स्तर पर मेडिकल कॉलेज शुरू होने से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले युवाओं को भी भविष्य में लाभ मिलने की उम्मीद है।मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ सकती है और स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मिलेगी मजबूती
लद्दाख अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। यहां कई दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता है।ऐसे में मेडिकल कॉलेज की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।भविष्य में संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने पर चिकित्सा विशेषज्ञों, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा और अस्पताल सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता भी बढ़ सकती है।
भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई विशेष छूट के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए फैकल्टी और सहायक कर्मचारियों की भर्ती की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।किसी भी मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए योग्य शिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों, प्रयोगशाला सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता होती है।इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य के साथ मानव संसाधन संबंधी तैयारियां शुरू करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।हालांकि, मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल सीटों, प्रवेश प्रक्रिया और कर्मचारियों की संख्या को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
2027-28 शैक्षणिक सत्र पर नजर
लद्दाख प्रशासन के सामने अब मेडिकल कॉलेज के बुनियादी ढांचे को विकसित करने, आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति और शैक्षणिक सुविधाओं की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी होगी।केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएंगी।लेह में पहला मेडिकल कॉलेज शुरू होने से न केवल स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है, बल्कि भविष्य में लद्दाख की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस पहल में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है। अब प्रशासन का ध्यान वर्ष 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से संस्थान का संचालन सुनिश्चित करने पर रहेगा।
Next Story