लद्दाख

Ladakh: हिंसा में चार की मौत, 30 घायल, कर्फ्यू

Sarita
25 Sept 2025 7:10 AM IST
Ladakh: हिंसा में चार की मौत, 30 घायल, कर्फ्यू
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Ladakh लद्दाख: बुधवार (24 सितंबर) को लद्दाख के लेह में लेह एपेक्स बॉडी द्वारा आहूत बंद के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं। हिंसक झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और लगभग 30 घायल हो गए। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय में भी आग लगा दी और कई वाहनों पर हमला किया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस की गोलीबारी में चार लोग मारे गए।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को लेह में हुई हिंसा पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने हिंसा के लिए जेनरेशन जेड युवाओं में बढ़ती हताशा को जिम्मेदार ठहराया। वांगचुक ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के परिणाम न मिलने से युवाओं में हताशा बढ़ रही है। आंदोलन के हिंसक होने के बाद वांगचुक ने अपनी 15 दिनों की भूख हड़ताल भी वापस ले ली। घटना का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि बुधवार को बड़ी संख्या में जेनरेशन जेड युवा विरोध स्थल पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इसके बाद दो से पांच हजार युवा सड़कों पर उतर आए।
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। बुधवार को इस विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। बढ़ती हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने लद्दाख के लेह जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। लद्दाख हिंसा को लेकर उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि यह हिंसा शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने यह भी कहा कि लद्दाख के हिंसा प्रभावित लेह जिले में जान-माल के और नुकसान को रोकने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है।
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