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Evergreen कव्वाली 'पर्दा है पर्दा' के लेखक और गायक कौन

Ratna Netam
12 July 2026 2:26 PM IST
Evergreen  कव्वाली पर्दा है पर्दा के लेखक और गायक कौन
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Entertainment मनोरंजन : साल 1977 हिंदी सिनेमा के लिए बेहद खास रहा। इसी वर्ष निर्देशक-निर्माता मनमोहन देसाई की सुपरहिट फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' रिलीज हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करने के साथ-साथ भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में अपनी जगह बनाई। अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर अभिनीत इस फिल्म की कहानी तीन बिछड़े भाइयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका पालन-पोषण अलग-अलग धर्मों में होता है। फिल्म की कहानी के साथ इसके गीत-संगीत ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया।

फिल्म का संगीत उस दौर की मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था, जबकि सभी गीत प्रसिद्ध गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे थे। फिल्म में कुल सात गाने थे, जिनमें 'शिरडी वाले साईं बाबा', 'तैय्यब अली प्यार के दुश्मन', 'हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें', 'अमर अकबर एंथनी' और 'पर्दा है पर्दा' जैसे गीत शामिल थे। इनमें सबसे अधिक लोकप्रियता कव्वाली 'पर्दा है पर्दा' को मिली, जिसे आज भी संगीत प्रेमी बड़े चाव से सुनते हैं।

यह गीत फिल्म में ऋषि कपूर पर फिल्माया गया था। उनकी अदाकारी, चेहरे के भाव और स्क्रीन प्रेजेंस ने इस कव्वाली को और भी खास बना दिया। गाने को महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी ने अपनी दमदार आवाज दी थी। रफी की गायकी और आनंद बक्शी के प्रभावशाली बोलों ने इस गीत को सदाबहार बना दिया। रिलीज के समय यह गीत साल के सबसे लोकप्रिय गीतों में शामिल रहा और लंबे समय तक संगीत प्रेमियों की पसंद बना रहा।

हालांकि, इस मशहूर गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। बताया जाता है कि इस गीत की एक विशेष पंक्ति गवाने के लिए पहले महान गायक किशोर कुमार से संपर्क किया गया था। निर्माताओं की इच्छा थी कि उस लाइन में किशोर कुमार की आवाज भी सुनाई दे, लेकिन उन्होंने केवल एक पंक्ति गाने में रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और अंततः पूरा गीत मोहम्मद रफी की आवाज में रिकॉर्ड किया गया।

अगर किशोर कुमार इस गीत का हिस्सा बनते तो यह हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में दो महान गायकों की आवाज वाला एक अनूठा गीत बन सकता था। हालांकि, रफी की शानदार प्रस्तुति ने इस कमी का एहसास कभी नहीं होने दिया और 'पर्दा है पर्दा' आज भी उनकी बेहतरीन कव्वालियों में गिना जाता है।

करीब पांच दशक बाद भी 'अमर अकबर एंथनी' और उसका यह सदाबहार गीत नई पीढ़ी के बीच उतना ही लोकप्रिय है। संगीत, बोल, अभिनय और प्रस्तुति का बेहतरीन मेल इस गीत को हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार गीतों में शामिल करता है।

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