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इस सिंगर ने 1 दिन में गाए 28 गाने, ऋषि कपूर के लिए बने खास
Kanchan Paikara
7 Oct 2026 5:38 PM IST

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Entertainment : 90 के दशक का बॉलीवुड संगीत याद आते ही जिन आवाजों का नाम सबसे पहले जेहन में आता है, उनमें कुमार सानू सबसे आगे हैं। उनकी आवाज में रोमांस, दर्द और सादगी का ऐसा मेल था कि उस दौर के कई सुपरहिट गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं। कुमार सानू ने अपने करियर में कई बड़े सितारों के लिए गाने गाए, लेकिन ऋषि कपूर पर उनकी आवाज का असर कुछ अलग ही नजर आता था। उनकी आवाज और ऋषि कपूर की रोमांटिक स्क्रीन इमेज का मेल दर्शकों को खूब पसंद आया।
कुमार सानू के नाम एक ऐसी उपलब्धि भी दर्ज है, जिसने उन्हें बाकी गायकों से अलग पहचान दी। साल 1993 में उन्होंने एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड किए थे। इस उपलब्धि का जिक्र लंबे समय से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में किया जाता रहा है। बाद में World Records India ने भी उन्हें एक दिन में 28 हिंदी गाने रिकॉर्ड करने की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया।
कैसे बना था 28 गानों का रिकॉर्ड?
कुमार सानू ने एक टीवी शो में इस रिकॉर्ड के पीछे की कहानी भी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि उस समय उन्हें अमेरिका में लंबे कार्यक्रम के लिए जाना था। कई फिल्मों के निर्माता इस बात को लेकर चिंतित थे कि उनके बाहर रहने के दौरान गानों की रिकॉर्डिंग कैसे होगी।
इसके बाद उन्होंने स्टूडियो में लगातार गाने रिकॉर्ड किए। उस समय उन्हें खुद अंदाजा नहीं था कि वह कितने गाने रिकॉर्ड कर चुके हैं। अगले दिन जब उन्होंने अखबार में इसके बारे में पढ़ा, तब उन्हें पता चला कि उन्होंने एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड कर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि उस दौर में गाने रिकॉर्ड करने की तकनीक आज जैसी आसान नहीं थी। लंबे समय तक स्टूडियो में रहकर अलग-अलग धुनों, भावनाओं और संगीतकारों के अनुसार गाना रिकॉर्ड करना किसी भी गायक के लिए बड़ी चुनौती होती थी।
‘आशिकी’ से बदल गई किस्मत
कुमार सानू का असली नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें बड़ी पहचान 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से मिली। फिल्म के गाने जबरदस्त हिट हुए और इसके बाद कुमार सानू रोमांटिक गीतों की सबसे पसंदीदा आवाजों में शामिल हो गए।90 के दशक में उनका नाम लगभग हर बड़े संगीतकार और फिल्म निर्माता की पसंद में शामिल था। नदीम-श्रवण, जतिन-ललित और अनु मलिक जैसे संगीतकारों के साथ उन्होंने कई यादगार गाने दिए।उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी आवाज का अलग टोन था। कुछ ही सेकंड में श्रोता पहचान लेते थे कि यह गाना कुमार सानू का है।
लगातार पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड
कुमार सानू ने केवल गानों की संख्या के मामले में ही रिकॉर्ड नहीं बनाया, बल्कि अवॉर्ड्स में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें लगातार पांच वर्षों तक फिल्मफेयर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार मिला। 1991 से 1995 के बीच यह सिलसिला जारी रहा।यह उपलब्धि अपने आप में बताती है कि उस दौर में उनकी लोकप्रियता और मांग कितनी ज्यादा थी। एक के बाद एक सुपरहिट गाने और हर साल बड़े अवॉर्ड ने उन्हें 90s का सबसे बड़ा रोमांटिक सिंगर बना दिया।
ऋषि कपूर पर खूब जमी कुमार सानू की आवाज
ऋषि कपूर को बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक अभिनेताओं में गिना जाता है। उनका स्क्रीन प्रेजेंस और कुमार सानू की मधुर आवाज एक-दूसरे के साथ खूब मेल खाती थी।90 के दशक में जब ऋषि कपूर रोमांटिक किरदारों में नजर आते थे, तब कुमार सानू की आवाज उनके किरदारों की भावनाओं को और असरदार बना देती थी। यही वजह है कि दर्शकों के बीच यह जोड़ी खास पहचान बनाने में सफल रही।ऋषि कपूर की स्क्रीन इमेज पहले से ही एक रोमांटिक हीरो की थी और कुमार सानू की आवाज में वही नरमी और भावुकता थी, जिसकी ऐसे किरदारों को जरूरत होती थी।
रोमांटिक गानों के बादशाह बने कुमार सानू
कुमार सानू की सबसे बड़ी ताकत प्रेम गीत रहे। चाहे पहली मोहब्बत का एहसास हो, जुदाई का दर्द हो या किसी को पाने की चाहत, वह हर भावना को अपनी आवाज से अलग रंग दे देते थे।तुझे देखा तो ये जाना सनम’, ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’, ‘धीरे धीरे से मेरी जिंदगी में आना’ और ‘जब कोई बात बिगड़ जाए’ जैसे कई गाने उनकी पहचान बन गए। इन गीतों को आज भी अलग-अलग पीढ़ियों के लोग सुनते हैं।उनका संगीत केवल एक दशक तक सीमित नहीं रहा। डिजिटल म्यूजिक और सोशल मीडिया के दौर में भी 90s के उनके गाने लगातार नए श्रोताओं तक पहुंच रहे हैं।
किशोर कुमार से थे प्रभावित
कुमार सानू पर किशोर कुमार की गायकी का गहरा प्रभाव रहा। शुरुआती दौर में उनकी आवाज की तुलना भी किशोर कुमार से की जाती थी। हालांकि समय के साथ उन्होंने अपनी अलग शैली विकसित कर ली और हिंदी फिल्म संगीत में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाई।उनकी गायकी में नाक से निकलने वाली खास टोन, लंबी सांस और शब्दों को खींचने का तरीका अलग था। यही शैली आगे चलकर उनकी पहचान बन गई।
आज भी कायम है लोकप्रियता
दशकों बाद भी कुमार सानू के गानों का जादू कम नहीं हुआ है। नई पीढ़ी भी उनके पुराने गानों को सोशल मीडिया, म्यूजिक एप और वीडियो प्लेटफॉर्म पर सुनती है।
उनकी आवाज ने 90 के दशक के रोमांस को ऐसी पहचान दी, जिसे आज भी दोहराना मुश्किल माना जाता है। एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने की उपलब्धि उनकी मेहनत और उस दौर में उनकी जबरदस्त मांग का उदाहरण है।
कुल मिलाकर कुमार सानू सिर्फ एक सफल प्लेबैक सिंगर नहीं, बल्कि हिंदी फिल्म संगीत के उस दौर की आवाज हैं, जिसे लोग आज भी गोल्डन एरा के तौर पर याद करते हैं। 28 गानों का रिकॉर्ड हो या ऋषि कपूर जैसे सितारों पर उनकी आवाज का जादू, कुमार सानू की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि 90s के बॉलीवुड संगीत में उनका स्थान बेहद खास है।
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