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39 साल बाद फिर साथ दिखेगी राम-सीता की जोड़ी

Ashish verma
11 Oct 2026 1:53 PM IST
39 साल बाद फिर साथ दिखेगी राम-सीता की जोड़ी
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Entertainment : रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम और माता सीता की भूमिका निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया एक बार फिर साथ नजर आएंगे। दोनों कलाकार प्रदीप गुप्ता के निर्देशन में बनी सोशल ड्रामा फिल्म ‘नोटिस’ में दिखाई देंगे। वर्ष 1987 में प्रसारित हुई ‘रामायण’ से दर्शकों के बीच विशेष स्थान बनाने वाली इस जोड़ी को लगभग 39 साल बाद एक फिल्म में साथ देखने का अवसर मिलेगा। उनकी यह नई पेशकश उन दर्शकों के लिए खास है, जो उन्हें राम और सीता के किरदारों से पहचानते हैं।
‘रामायण’ में अरुण गोविल ने भगवान राम का किरदार निभाया था, जबकि दीपिका चिखलिया माता सीता की भूमिका में थीं। इन भूमिकाओं ने दोनों कलाकारों को व्यापक पहचान दिलाई। दर्शकों का जुड़ाव उनके अभिनय तक सीमित नहीं रहा। कई लोगों ने उनमें अपने आराध्य की छवि देखी। इसी वजह से उनके नाम और चेहरे लंबे समय तक उन पात्रों से जुड़े रहे। अब ‘नोटिस’ में दोनों को साथ देखने की जानकारी उनके पुराने किरदारों की याद भी ताजा करती है।
रामानंद सागर की ‘रामायण’ का उल्लेख आज भी उसके कलाकारों की पहचान के साथ होता है। रामायण के आधुनिक संस्करणों की चर्चा के बीच इस धारावाहिक से जुड़ी दर्शकों की भावनाएं अपनी जगह बनी हुई हैं। अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया की जोड़ी उसी स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान राम और माता सीता के रूप में उनके अभिनय ने उन्हें ऐसी पहचान दी, जिसे दर्शक उनके नामों के साथ जोड़कर देखते हैं।
अब दोनों कलाकारों की अगली साझा पेशकश धार्मिक धारावाहिक के बजाय एक सोशल ड्रामा फिल्म होगी। ‘नोटिस’ का निर्देशन प्रदीप गुप्ता ने किया है। इस फिल्म में अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया नजर आएंगे। हालांकि, फिल्म में उनके किरदारों के नाम और आपसी संबंधों का विवरण दिए गए परिचय में शामिल नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कहानी में दोनों किस तरह की भूमिकाएं निभा रहे हैं। उनकी मौजूदगी की जानकारी जरूर सामने आई है।
करीब 39 साल का अंतर वर्ष 1987 की ‘रामायण’ और इस नई फिल्म के संदर्भ में बताया गया है। इस अवधि ने दोनों कलाकारों की उस पहचान को खत्म नहीं किया, जो उन्हें धारावाहिक से मिली थी। आज भी उनके साथ आने की खबर में सबसे पहले राम और सीता के किरदार याद किए जा रहे हैं। यह उनके अभिनय और दर्शकों की स्मृतियों के बीच बने संबंध को दिखाता है। नई फिल्म में उनकी पेशकश इसी परिचित पहचान के साथ सामने आएगी।
अरुण गोविल के लिए भगवान राम की भूमिका उनके करियर की चर्चित पहचान रही है। इसी तरह दीपिका चिखलिया को माता सीता के किरदार से घर-घर जाना गया। जब दोनों के नाम एक साथ सामने आते हैं, तो दर्शकों के लिए ‘रामायण’ का संदर्भ सहज रूप से जुड़ जाता है। ‘नोटिस’ में उनका साथ दिखाई देना इसलिए विशेष है। हालांकि, नई फिल्म के किरदारों को उनके पुराने धार्मिक पात्रों के समान मानने का आधार नहीं है।
सोशल ड्रामा के रूप में बताई गई ‘नोटिस’ दोनों कलाकारों को एक अलग कहानी में प्रस्तुत करेगी। फिल्म की श्रेणी से उसके सामाजिक विषयों से जुड़े होने का परिचय मिलता है, लेकिन उसका विस्तृत कथानक नहीं दिया गया है। कहानी किस मुद्दे पर केंद्रित है और दोनों कलाकार उसमें क्या भूमिका निभाते हैं, यह जानकारी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में फिल्म के संदेश या घटनाक्रम के बारे में अनुमान जोड़ना उचित नहीं होगा।
प्रदीप गुप्ता के निर्देशन में बनी इस फिल्म की प्रमुख जानकारी अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया की भागीदारी है। दर्शकों के लिए परिचित चेहरों को नई पेशकश में देखना रुचि का विषय हो सकता है। खास तौर पर ‘रामायण’ से जुड़े लोगों के लिए दोनों कलाकारों का साथ आना पुरानी यादों से जुड़ा अवसर है। लेकिन फिल्म के प्रति उनकी प्रतिक्रिया और उसके प्रदर्शन का आकलन अभी नहीं किया जा सकता।
वर्ष 1987 के धारावाहिक ने जिस तरह दोनों को पहचान दी, वह इस नई फिल्म की चर्चा में भी दिखाई देता है। दर्शकों ने उन्हें पात्रों के रूप में अपनाया और उनके अभिनय से भावनात्मक संबंध बनाया। कई लोगों का उनमें भगवान राम और माता सीता की छवि देखना इस जुड़ाव की गहराई बताता है। अब नई भूमिकाओं में उनकी मौजूदगी कलाकारों की पहचान के दूसरे पक्ष को सामने लाने का अवसर होगी।
‘नोटिस’ की रिलीज तारीख, अन्य कलाकारों और प्रदर्शन के माध्यम का विवरण उपलब्ध परिचय में नहीं है। इसलिए फिल्म कब और कहां देखी जा सकेगी, इस बारे में निश्चित जानकारी नहीं दी जा सकती। फिलहाल यह स्पष्ट है कि प्रदीप गुप्ता के निर्देशन में बनी सोशल ड्रामा में दोनों कलाकार नजर आएंगे। फिल्म से संबंधित बाकी जानकारी मिलने पर उनकी भूमिकाओं और कहानी की तस्वीर अधिक साफ होगी।
अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया की जोड़ी ‘रामायण’ के दर्शकों के लिए परिचित और विशेष रही है। लगभग 39 साल बाद ‘नोटिस’ में उनके साथ आने की जानकारी उसी जुड़ाव को फिर सामने लाती है। भगवान राम और माता सीता की भूमिकाओं से मिली पहचान के बाद अब दोनों एक सोशल ड्रामा फिल्म में दिखाई देंगे, जहां दर्शक उन्हें नई कहानी के हिस्से के रूप में देख सकेंगे।
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