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श्रीदेवी के निधन के बाद जाह्नवी का सहारा बने थे शिखर

Rajeshwari Nishad
27 Oct 2026 10:01 PM IST
श्रीदेवी के निधन के बाद जाह्नवी का सहारा बने थे शिखर
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एंटरटेनमेंट : बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी का नाम आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली अदाकाराओं में लिया जाता है। अपनी खूबसूरती, दमदार अभिनय और शानदार डांस के जरिए करोड़ों दिलों पर राज करने वाली श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को अचानक निधन हो गया था। इस खबर ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर दिया था। लेकिन सबसे गहरा सदमा उनके परिवार, खासकर दोनों बेटियों जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को लगा। उस समय जाह्नवी अपनी पहली फिल्म 'धड़क' की शूटिंग में व्यस्त थीं और बॉलीवुड में कदम रखने की तैयारी कर रही थीं। वह अपनी मां को बड़े पर्दे पर अपना पहला अभिनय दिखाना चाहती थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। श्रीदेवी अपनी बेटी की पहली फिल्म रिलीज होते हुए नहीं देख सकीं। आज भी जाह्नवी कई मौकों पर अपनी मां को याद करते हुए भावुक हो जाती हैं।
24 फरवरी 2018 को दुबई में हुआ था श्रीदेवी का निधन
24 फरवरी 2018 भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक दुखद दिन के रूप में दर्ज है।श्रीदेवी अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने दुबई गई थीं। वहां उनके रिश्तेदार मोहित मारवाह की शादी का आयोजन किया गया था।समारोह के बाद श्रीदेवी दुबई में ही रुकी हुई थीं। इसी दौरान होटल के बाथटब में वह अचेत अवस्था में मिलीं और उनका निधन हो गया।दुबई पुलिस की फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, श्रीदेवी की मौत बेहोश होने के बाद बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से हुई थी।उनकी उम्र महज 54 वर्ष थी।27 फरवरी 2018 को दुबई के अधिकारियों ने जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला बंद कर दिया था।
मां की मौत के समय मुंबई में थीं जाह्नवी
जब श्रीदेवी दुबई में शादी समारोह में शामिल होने गई थीं, तब जाह्नवी कपूर मुंबई में अपनी पहली फिल्म की शूटिंग कर रही थीं।जाह्नवी फिल्म 'धड़क' के जरिए हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने वाली थीं।श्रीदेवी भी अपनी बेटी के फिल्मी करियर की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित थीं।वह चाहती थीं कि जाह्नवी फिल्मों में अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर अलग पहचान बनाएं।लेकिन पहली फिल्म रिलीज होने से कुछ महीने पहले ही जाह्नवी ने अपनी मां को हमेशा के लिए खो दिया।
इस घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी।
मां को खोने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था भावुक पत्रश्रीदेवी के निधन के कुछ दिनों बाद जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर अपनी मां के नाम एक भावुक पत्र साझा किया था।इस पत्र में उन्होंने अपनी मां के प्रति प्रेम और उनके बिना जीवन में महसूस होने वाले खालीपन का जिक्र किया।जाह्नवी ने प्रशंसकों से अपने माता-पिता को प्यार देने और उनके साथ बिताए जाने वाले समय की अहमियत समझने की अपील की थी।उन्होंने कहा था कि श्रीदेवी केवल एक अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन मां और पत्नी भी थीं।जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर और मां श्रीदेवी के रिश्ते का सम्मान करने की अपील भी की थी।उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा और प्रशंसकों ने उन्हें सांत्वना दी।
मां के निधन के बाद काम पर लौटना नहीं था आसान
श्रीदेवी की मौत के बाद जाह्नवी कपूर के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को संभालना और अपनी पहली फिल्म की शूटिंग पूरी करना था।जाह्नवी उस समय महज 20 वर्ष की थीं।वह जीवन के ऐसे दौर से गुजर रही थीं, जब उन्हें अपनी मां के मार्गदर्शन और सहयोग की सबसे अधिक जरूरत थी।लेकिन मां की अचानक मौत के बाद उन्हें अपनी जिंदगी और करियर दोनों को आगे बढ़ाना था।जाह्नवी कुछ समय बाद फिल्म 'धड़क' की शूटिंग पर वापस लौट आईं।उन्होंने बाद में एक इंटरव्यू में बताया कि उस मुश्किल समय में काम ने उन्हें खुद को संभालने की ताकत दी।फिल्म की शूटिंग में व्यस्त रहना उनके लिए भावनात्मक रूप से सहारा बना।
जाह्नवी ने कहा था- जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई थी
मां श्रीदेवी को खोने के दर्द के बारे में जाह्नवी कपूर कई बार खुलकर बात कर चुकी हैं।एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि श्रीदेवी के निधन के समय वह 'धड़क' की शूटिंग कर रही थीं।एक तरफ फिल्म में काम करने की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी ओर मां के निधन का गहरा दुख।जाह्नवी के अनुसार, इस दुख के बीच काम जारी रखने की हिम्मत जुटाना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई जैसा था।उन्होंने बताया कि उस समय कई भावनाओं से एक साथ गुजरना बेहद मुश्किल था।हालांकि, काम और परिवार के सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश की।
बेटी की पहली फिल्म के कुछ दृश्य देख चुकी थीं श्रीदेवी
श्रीदेवी अपनी बेटी जाह्नवी के फिल्मी करियर को लेकर काफी सजग थीं।जाह्नवी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां ने निधन से पहले 'धड़क' के लगभग 25 मिनट के दृश्य देखे थे।श्रीदेवी ने बेटी की प्रशंसा करने के साथ उसके अभिनय और स्क्रीन पर दिखने के तरीके को लेकर तकनीकी सुझाव भी दिए थे।जाह्नवी ने बताया था कि उनकी मां छोटी-छोटी बातों पर विशेष ध्यान देती थीं।उन्होंने एक दृश्य में मेकअप को लेकर भी सुधार करने की सलाह दी थी।श्रीदेवी की यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि वह बेटी के काम को एक अनुभवी अभिनेत्री की नजर से देखती थीं।
20 जुलाई 2018 को रिलीज हुई थी 'धड़क'
जाह्नवी कपूर की पहली फिल्म धड़क 20 जुलाई 2018 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता ईशान खट्टर मुख्य भूमिका में थे।फिल्म का निर्देशन शशांक खेतान ने किया था, जबकि इसका निर्माण करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ था।फिल्म में जाह्नवी ने पार्थवी का किरदार निभाया था।हालांकि, इस खास अवसर पर उनकी मां श्रीदेवी उनके साथ मौजूद नहीं थीं।
जाह्नवी के लिए पहली फिल्म की रिलीज एक ओर करियर की बड़ी उपलब्धि थी, तो दूसरी ओर मां की कमी भी महसूस कराने वाला अवसर था।खुशी कपूर के लिए भी बेहद मुश्किल था वक्तश्रीदेवी और बोनी कपूर की छोटी बेटी खुशी कपूर भी मां के बेहद करीब थीं।श्रीदेवी के अचानक निधन से खुशी को भी गहरा सदमा लगा था।दोनों बहनों ने इस कठिन दौर में एक-दूसरे का साथ दिया।जाह्नवी और खुशी कई सार्वजनिक मौकों पर अपनी मां के साथ बिताए पलों को याद करती रही हैं।श्रीदेवी के निधन के बाद बोनी कपूर ने भी अपनी बेटियों को संभालने और परिवार को एकजुट रखने पर ध्यान दिया।आज जाह्नवी और खुशी दोनों अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।
मां की याद में जाह्नवी ने लिखा था खास संदेश
श्रीदेवी की पांचवीं पुण्यतिथि पर जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया था।उन्होंने लिखा था कि वह आज भी अपनी मां को हर जगह तलाश करती हैं।जाह्नवी ने बताया कि वह अपने काम और उपलब्धियों के जरिए अपनी मां को गर्व महसूस कराना चाहती हैं।उनका कहना था कि उनके जीवन की हर महत्वपूर्ण बात में उनकी मां की याद शामिल रहती है।इस संदेश ने प्रशंसकों को भावुक कर दिया था।जाह्नवी के लिए श्रीदेवी केवल मां नहीं, बल्कि उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शक भी थीं।
भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार मानी जाती हैं श्रीदेवी ने अपने लंबे करियर में हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी काम किया।उन्होंने बेहद कम उम्र में अभिनय की शुरुआत की थी।'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी', 'नगीना', 'चालबाज', 'लम्हे' और 'जुदाई' जैसी फिल्मों ने उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई।लंबे अंतराल के बाद उन्होंने वर्ष 2012 में फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' से शानदार वापसी की।इसके बाद वर्ष 2017 में रिलीज हुई फिल्म 'मॉम' में उन्होंने दमदार अभिनय किया।इस फिल्म के लिए उन्हें मरणोपरांत सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।श्रीदेवी ने अपने अभिनय से भारतीय सिनेमा में ऐसी पहचान बनाई, जिसकी चर्चा आज भी होती है।
मां की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं जाह्नवी
जाह्नवी कपूर ने 'धड़क' के बाद कई अलग-अलग फिल्मों में काम किया है।'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल', 'गुड लक जेरी', 'मिली', 'बवाल' और 'मिस्टर एंड मिसेज माही' जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए।वह अभिनय में अपनी पहचान को लगातार मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं।हालांकि, जाह्नवी के करियर की तुलना अक्सर उनकी मां श्रीदेवी से होती रही है।ऐसी तुलना के बावजूद उन्होंने अपनी अलग अभिनय शैली विकसित करने पर ध्यान दिया है।
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