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नई दिल्ली New Delhi। बॉलीवुड में पैपराजी और सितारों के बीच का रिश्ता अक्सर चर्चा में रहता है। जहां कैमरों के सामने आना फिल्मी सितारों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, वहीं कुछ ऐसे तौर-तरीके भी हैं जिन्हें लेकर कलाकार लगातार सवाल उठाते रहे हैं। खासतौर पर अभिनेत्रियों की तस्वीरें पीछे से लेने की कोशिश को लेकर अब इंडस्ट्री में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। नेहा धूपिया और सलमान खान के बाद अब दिग्गज अभिनेत्री नीतू कपूर ने भी पैपराजी के इस रवैये पर तंज कसा है।
दरअसल, सोशल मीडिया के दौर में सेलिब्रिटीज की हर छोटी-बड़ी गतिविधि कैमरों में कैद हो जाती है। एयरपोर्ट से लेकर जिम, रेस्टोरेंट, शूटिंग लोकेशन और सार्वजनिक कार्यक्रमों तक पैपराजी सितारों की तस्वीरें लेने के लिए मौजूद रहते हैं। आमतौर पर कलाकार भी कैमरों के सामने पोज देते हैं और अपनी तस्वीरें खिंचवाते हैं। हालांकि, समस्या तब पैदा होती है जब फोटोग्राफर्स तस्वीर लेने के लिए ऐसी एंगल या स्थिति का इस्तेमाल करते हैं, जिससे अभिनेत्री असहज महसूस कर सकती हैं।
इसी मुद्दे को लेकर नीतू कपूर की टिप्पणी ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अभिनेत्री ने पैपराजी की उस आदत पर सवाल उठाया है, जिसमें कई बार महिलाओं की तस्वीरें पीछे से लेने पर ज्यादा जोर दिया जाता है। नीतू कपूर का यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और लोग भी इस मुद्दे पर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।
नेहा धूपिया भी उठा चुकी हैं सवाल
इससे पहले अभिनेत्री नेहा धूपिया भी पैपराजी के इस रवैये को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। उनका कहना रहा है कि किसी महिला की तस्वीर लेते समय उसकी निजता और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। सेलिब्रिटीज सार्वजनिक जीवन का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी हर तस्वीर किसी भी तरीके से खींची जाए।
नेहा के बाद इस विषय पर सलमान खान का रुख भी चर्चा में आया। सलमान खान कई मौकों पर पैपराजी से कलाकारों की तस्वीरें खींचते समय मर्यादा बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में नीतू कपूर का इस मुद्दे पर बोलना इस बहस को और महत्वपूर्ण बना देता है।
सोशल मीडिया ने बढ़ाई तस्वीरों की मांग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के बाद पैपराजी फोटोग्राफी का स्वरूप भी काफी बदल गया है। सेलिब्रिटीज की तस्वीरें कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं। कई बार सामान्य तस्वीरों की तुलना में अलग या विवादित एंगल वाली तस्वीरों को ज्यादा व्यूज और प्रतिक्रियाएं मिलती हैं। इसी वजह से कुछ फोटोग्राफर्स ऐसे शॉट लेने की कोशिश करते हैं, जिन्हें लेकर कलाकारों को आपत्ति हो सकती है।
खासकर अभिनेत्रियों के मामले में यह सवाल ज्यादा गंभीर हो जाता है। किसी महिला की पोशाक, बॉडी या निजी क्षण को सनसनीखेज तरीके से पेश करना केवल एक तस्वीर का मामला नहीं रह जाता, बल्कि इससे उसकी निजता और सम्मान भी प्रभावित हो सकता है।
कलाकार और पैपराजी के बीच जरूरी है संतुलन
बॉलीवुड में पैपराजी संस्कृति पूरी तरह नई नहीं है। लंबे समय से फोटोग्राफर्स सितारों की तस्वीरें खींचते रहे हैं और कलाकार भी इस व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। पैपराजी को सेलिब्रिटी संस्कृति का अहम हिस्सा माना जाता है, वहीं कलाकारों के लिए भी मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया दृश्यता महत्वपूर्ण होती है।
लेकिन इस रिश्ते में आपसी सम्मान और सीमाओं का होना जरूरी है। कलाकारों को भी यह समझना होता है कि सार्वजनिक जगह पर मौजूद होने के कारण उनकी तस्वीरें ली जा सकती हैं, जबकि फोटोग्राफर्स की जिम्मेदारी है कि तस्वीर लेते समय व्यक्तिगत गरिमा और सहमति की सीमाओं का सम्मान किया जाए।
नीतू कपूर की टिप्पणी ने फिर छेड़ी बहस
नीतू कपूर लंबे समय से हिंदी सिनेमा का हिस्सा रही हैं और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कई दौर देखे हैं। ऐसे में उनका किसी समकालीन मुद्दे पर टिप्पणी करना स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचता है। उनके तंज को सोशल मीडिया यूजर्स पैपराजी संस्कृति में बदलाव की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं।
आज जब किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर केवल अखबार या मैगजीन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों तक पहुंच सकती है, तब तस्वीर लेने वाले और उसे प्रकाशित करने वाले दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। किसी कलाकार की लोकप्रियता उसके निजी सम्मान से बड़ी नहीं हो सकती।
निजता और गरिमा पर हो ध्यान
पैपराजी और सेलिब्रिटीज के बीच यह बहस आने वाले समय में भी जारी रह सकती है। एक तरफ दर्शक अपने पसंदीदा सितारों की तस्वीरें और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी झलकियां देखना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ कलाकार भी अपनी निजी सीमाओं और गरिमा की रक्षा चाहते हैं।
नीतू कपूर, नेहा धूपिया और सलमान खान जैसे सितारों की टिप्पणियों से यह साफ है कि पैपराजी कवरेज को लेकर कलाकारों के बीच संवेदनशीलता की मांग बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि तस्वीरें लेते समय केवल वायरल होने वाले एंगल या ज्यादा व्यूज की चिंता न की जाए, बल्कि यह भी देखा जाए कि सामने मौजूद व्यक्ति सहज है या नहीं।
बॉलीवुड में कैमरों की मौजूदगी अब सामान्य बात है, लेकिन कैमरे के पीछे मौजूद नजरिए को लेकर जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। किसी अभिनेत्री की तस्वीर लेना गलत नहीं है, लेकिन तस्वीर किस तरीके से ली जा रही है और उसे किस उद्देश्य से पेश किया जा रहा है, यही अंतर सम्मानजनक पत्रकारिता और अनावश्यक दखल के बीच की सीमा तय करता है।
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