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दिल्ली-एनसीआर
पार्कों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में DDA की सफाई मुहिम तेज
Ratna Netam
4 Oct 2026 5:16 PM IST

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नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन और नेतृत्व में राजधानी के पार्कों, ग्रीन स्पेस, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन सुविधाओं में एक महीने तक चलने वाला **‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान** शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण, जन जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है।DDA के अनुसार, अभियान के दौरान राजधानी के अलग-अलग सार्वजनिक स्थलों पर सफाई और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके जरिए लोगों को न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई और रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।अभियान में पार्कों और ग्रीन स्पेस के अलावा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा उनसे जुड़ी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विज्ञप्ति के मुताबिक, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियानों के दौरान करीब **2.5 टन कचरा** एकत्र किया गया। सफाई अभियान के तहत सार्वजनिक उपयोग वाले क्षेत्रों में जमा कचरे को हटाया गया और लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
खास पहलों के जरिए जागरूकता
DDA के इस अभियान में सामान्य सफाई गतिविधियों के साथ कई विशेष पहल भी शामिल की गई हैं। इनमें **‘चिल्ड्रन टू द ग्रीन - लर्न, केयर एंड पार्टिसिपेट’**, **‘बिन बिफोर ओवरफ्लो’** और **‘कैपिटल्स प्रॉमिस’** जैसी पहल प्रमुख हैं।‘चिल्ड्रन टू द ग्रीन - लर्न, केयर एंड पार्टिसिपेट’ पहल के जरिए बच्चों को पर्यावरण और हरित क्षेत्रों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल पर्यावरण के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सार्वजनिक हरित क्षेत्रों की देखभाल और स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ना भी है।DDA का मानना है कि बच्चों को कम उम्र से ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने से लंबे समय में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। बच्चे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित कर सकते हैं।
‘बिन बिफोर ओवरफ्लो’ पहल
अभियान के तहत **‘बिन बिफोर ओवरफ्लो’** पहल भी शुरू की गई है। इसका फोकस कूड़ेदानों के आसपास कचरा फैलने से रोकने और समय पर कचरा निस्तारण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर है।सार्वजनिक पार्कों और अन्य स्थानों पर कूड़ेदानों का इस्तेमाल सही तरीके से करना स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि कूड़ेदान भरने के बाद भी उसमें कचरा डाला जाता रहे या उसके आसपास कचरा फेंका जाए तो सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी बढ़ सकती है। इस पहल के जरिए लोगों को कचरा फैलाने से बचने और निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालने का संदेश दिया जा रहा है।
कैपिटल्स प्रॉमिस’ पर जोर
DDA के स्वच्छता अभियान में **‘कैपिटल्स प्रॉमिस’** भी शामिल है। इसके जरिए राजधानी के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया जा रहा है।DDA के पार्कों और ग्रीन स्पेस का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में लोग करते हैं। इन जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए केवल सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। इसी सोच के साथ अभियान में स्थानीय लोगों और विभिन्न समूहों को शामिल किया जा रहा है।
RWA और छात्रों की भागीदारी
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में **रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), छात्र, बच्चे, पार्क में आने वाले लोग और सार्वजनिक स्थानों से जुड़े अन्य लोग** भाग ले रहे हैं। DDA का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है।RWA की भागीदारी से स्थानीय स्तर पर सफाई और पार्कों के रखरखाव से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से उठाया जा सकता है। वहीं छात्रों और बच्चों को शामिल करने से पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।पार्क का नियमित इस्तेमाल करने वाले लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि लोग कचरा खुले में फेंकने के बजाय कूड़ेदान का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं तो स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना आसान हो सकता है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भी सफाई अभियान
DDA ने अपने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और वहां उपलब्ध सुविधाओं को भी अभियान में शामिल किया है। खेल परिसरों में रोजाना खिलाड़ियों, बच्चों और अन्य लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में वहां साफ-सफाई और बेहतर पर्यावरण बनाए रखना जरूरी है।विज्ञप्ति के अनुसार, विशेष सफाई अभियानों के दौरान इन परिसरों से करीब 2.5 टन कचरा एकत्र किया गया। यह अभियान सार्वजनिक खेल सुविधाओं को साफ और व्यवस्थित रखने के प्रयास का हिस्सा है।स्वच्छ खेल परिसर खिलाड़ियों और अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। साथ ही साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ने से लोग खेल सुविधाओं और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने में अधिक जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
पर्यावरण सुधार पर भी फोकस
DDA का अभियान केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है। इसमें पर्यावरण सुधार और ग्रीन स्पेस के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में पार्क और हरित क्षेत्र लोगों को खुले और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण संतुलन में भी भूमिका निभाते हैं।इन क्षेत्रों की नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और लोगों में जागरूकता बढ़ाने से सार्वजनिक हरित स्थानों की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।DDA के मुताबिक अभियान के दौरान लोगों को स्वच्छता के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है।
जनभागीदारी को बनाया आधार
DDA ने इस अभियान में **जनभागीदारी** को विशेष महत्व दिया है। RWA, छात्रों, बच्चों और पार्क उपयोगकर्ताओं की भागीदारी से अभियान को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।अभियान का उद्देश्य लोगों में यह भावना विकसित करना है कि सार्वजनिक स्थान किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं हैं। पार्क, खेल परिसर और ग्रीन स्पेस आम लोगों के इस्तेमाल के लिए हैं, इसलिए इनके रखरखाव में नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियां जारी रहेंगी। DDA की ओर से विशेष पहलों और सामुदायिक भागीदारी के जरिए स्वच्छता को लेकर लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के जरिए DDA ने दिल्ली के पार्कों, ग्रीन स्पेस और खेल परिसरों को स्वच्छ रखने के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की कोशिश की है। करीब 2.5 टन कचरे का संग्रहण इस अभियान के दौरान किए गए विशेष सफाई प्रयासों को दर्शाता है। अब अभियान की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि लोग इन सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं।
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