मनोरंजन
निधन से एक दिन पहले शेखर सुमन के शो में जाने वाले थे नाना पाटेकर
Ashish verma
8 Oct 2026 8:16 PM IST

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मुंबई। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अचानक निधन से फिल्म जगत और प्रशंसकों में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर गोवा स्थित अपने आवास पर अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उनके निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेता शेखर सुमन से उनकी आखिरी बातचीत की चर्चा भी हो रही है। शेखर सुमन ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी नाना पाटेकर से बातचीत हुई थी। इस दौरान नाना ने उनके शो में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी। दोनों के बीच कार्यक्रम को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन इससे पहले ही अभिनेता का निधन हो गया। शेखर सुमन के मुताबिक, नाना पाटेकर की यह इच्छा अब अधूरी रह गई।
गोवा स्थित आवास पर अचानक बिगड़ी तबीयत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर मौजूद थे। गुरुवार सुबह वह अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अस्पताल की जानकारी के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ। इसके बाद आवश्यक चिकित्सकीय और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। उनका पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया।
शेखर सुमन से आखिरी बातचीत की चर्चा
नाना पाटेकर के निधन से अभिनेता शेखर सुमन भी दुखी हैं। उन्होंने अभिनेता के साथ हुई अपनी बातचीत को याद किया। शेखर सुमन ने बताया कि नाना उनके शो में शामिल होना चाहते थे। दोनों के बीच कार्यक्रम को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन अब यह मुलाकात नहीं हो सकेगी।
अलग-अलग रिपोर्टों में दोनों की आखिरी बातचीत के समय को लेकर अंतर है। एक रिपोर्ट में करीब तीन से चार दिन पहले बातचीत होने की बात कही गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में लगभग 15 दिन पहले फोन पर संपर्क होने का उल्लेख है। हालांकि यह स्पष्ट है कि नाना पाटेकर की शो में शामिल होने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी।
पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के पास डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाना निर्धारित है। जानकारी के अनुसार, अभिनेता का इस स्थान से गहरा लगाव था और उनकी इच्छा थी कि अंतिम विदाई इसी स्थान से दी जाए।
गुरुवार शाम उनका पार्थिव शरीर गोवा से पुणे ले जाए जाने की जानकारी सामने आई। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, फिल्म जगत की हस्तियों और राजनीतिक नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने अंतिम संस्कार को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारियां की हैं।
प्रधानमंत्री समेत कई हस्तियों ने जताया शोक
नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। अभिनेता अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए उनकी अभिनय क्षमता और अलग पहचान की सराहना की।
अक्षय कुमार और नाना पाटेकर ने कई फिल्मों में साथ काम किया था। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। खासकर कॉमेडी फिल्मों में दोनों के अभिनय ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
पांच दशक से अधिक का रहा शानदार करियर
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मराठी रंगमंच से की और बाद में हिंदी तथा मराठी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।
उन्होंने वर्ष 1978 में फिल्म 'गमन' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में दमदार किरदार निभाए। फिल्म 'परिंदा' में उनके अभिनय को विशेष सराहना मिली। वहीं, 'क्रांतिवीर' में उनके प्रभावशाली संवाद और अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
नाना पाटेकर ने 'तिरंगा', 'अग्नि साक्षी', 'अब तक छप्पन', 'अपहरण', 'वेलकम' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। गंभीर और हास्य दोनों प्रकार के किरदारों में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता साबित की।
तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से हुए सम्मानित
भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले थे। वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा था।
नाना पाटेकर अपने संवाद बोलने के अनोखे अंदाज, दमदार आवाज और स्वाभाविक अभिनय के लिए जाने जाते थे। उन्होंने फिल्मों के साथ रंगमंच पर भी लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।
सामाजिक कार्यों में भी रहे सक्रिय
फिल्मों के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों के लिए भी पहचाने जाते थे। उन्होंने नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए काम किया। विशेष रूप से महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों को मदद पहुंचाने के प्रयासों से उनका नाम जुड़ा रहा।
नाना पाटेकर का निधन भारतीय फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके अभिनय, यादगार संवाद और सामाजिक योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
अंतिम विदाई की तैयारियां जारी
गुरुवार, 8 अक्टूबर को आई जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस ले जाया गया है। यहीं राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाना है। अंतिम संस्कार संपन्न होने की आधिकारिक पुष्टि इस अपडेट तक नहीं मिली है।
शेखर सुमन के शो में शामिल होने की उनकी अधूरी इच्छा और अंतिम दिनों की बातचीत अब प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। भारतीय सिनेमा में अपने विशिष्ट अभिनय से पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर के निधन पर फिल्म जगत उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है।
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