
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। काठमांडू में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के नेतृत्व में आयोजित विशेष एकजुटता कार्यक्रम 'In Solidarity with Nepal' में उन्होंने भारत, चीन और नेपाल से मिलकर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। मनीषा कोइराला बोहोत ही भावुक नार आई .
मनीषा कोइराला ने कहा कि नेपाल इस समय ग्लोबल वार्मिंग के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है। ऐसी परिस्थितियों में केवल एक देश के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। पड़ोसी देशों को एक साथ आकर भविष्य में ऐसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने के उपाय तलाशने होंगे।
#WATCH | Nepal flash floods | Kathmandu: Speaking at the special solidarity event 'In Solidarity with Nepal', led by spiritual leader Sadhguru, Actress Manisha Koirala says, "...We are facing the brunt of global warming. What should be our next step? I request that we, as human… pic.twitter.com/QKU8unlHeN
— ANI (@ANI) August 30, 2026
भारत-चीन-नेपाल से मिलकर काम करने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनीषा कोइराला ने कहा कि भारत, चीन और नेपाल एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। प्राकृतिक और पर्यावरणीय चुनौतियां सीमाओं तक सीमित नहीं रहतीं, इसलिए इनसे निपटने के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि मानवता के नाते सभी को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। आपदा की इस घड़ी से सीख लेते हुए भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की जरूरत है।मनीषा ने उम्मीद जताई कि तीनों पड़ोसी देश हाथ मिलाकर ऐसी पहल करेंगे, जिससे भविष्य में इस तरह की विनाशकारी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगा सहयोग
अभिनेत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी नेपाल के प्रति समर्थन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय नेपाल को दुनियाभर से मिल रहे सहयोग और समर्थन की जरूरत है।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रभावित लोगों की उसी तरह सहायता करें, जैसे मुश्किल समय में अपने परिवार के सदस्यों की मदद करते हैं। उन्होंने इस त्रासदी के बीच मानवीय एकजुटता को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
'नेपाल को सिर्फ आपदाओं के लिए न जाना जाए'
मनीषा कोइराला ने नेपाल की छवि और पर्यटन को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि नेपाल नहीं चाहता कि दुनिया उसे केवल प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित देश के तौर पर देखे।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों से नेपाल की यात्रा जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि देश के लिए पर्यटन बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आपदा आई है, लेकिन इसके कारण पूरे नेपाल से पर्यटकों को दूरी नहीं बनानी चाहिए।
पर्यटन को बताया नेपाल की 'सांस'
मनीषा कोइराला ने पर्यटन को नेपाल की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन से जोड़ते हुए इसे देश की 'सांस' बताया। नेपाल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में नेपाल को राहत और पुनर्वास के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र को भी संभालने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का भरोसा बने रहना देश के लिए बेहद अहम है।
बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। इस त्रासदी के बीच अलग-अलग देशों और संगठनों की ओर से नेपाल के प्रति एकजुटता दिखाई जा रही है।
इसी क्रम में आयोजित 'In Solidarity with Nepal' कार्यक्रम के जरिए भी प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया। मनीषा कोइराला ने इस मंच से जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए दीर्घकालिक और सामूहिक रणनीति की जरूरत पर जोर दिया।





