
मुंबई। हिंदी सिनेमा में देशभक्ति का प्रतीक माने जाने वाले मनोज कुमार का आज (4 अप्रैल) निधन हो गया। 86 वर्षीय अभिनेता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका निधन मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ।
उनका अंतिम संस्कार कल (5 अप्रैल) दोपहर जुहू श्मशान घाट पर किया जाएगा।
उनके निधन की खबर से बॉलीवुड और राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। प्रशंसकों का हुजूम उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटने लगा है।
मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ की उपाधि इसलिए मिली क्योंकि उन्होंने अपने करियर में अधिकतर फिल्मों में देशभक्ति को केंद्र में रखा।
‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘शहीद’, ‘क्रांति’ जैसी फिल्में आज भी लोगों की स्मृति में जिंदा हैं। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और लेखन में भी विशेष योगदान दिया।
पीएम मोदी, अक्षय कुमार समेत कई हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोज कुमार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने ट्वीट में लिखा,
“मनोज कुमार जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम को घर-घर पहुंचाया।”
वहीं अभिनेता अक्षय कुमार ने भी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा,
“एक सच्चे भारतवासी कलाकार को खोने का दुख है। उनके विचार और सिनेमा हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।”
सम्मान और यादों की धरोहर
मनोज कुमार को पद्म श्री (1992) और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (2015) जैसे उच्च सम्मान मिले।
उनकी फिल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश का माध्यम थीं।





