Filmmaker पहलाज निहलानी का निधन, गोविंदा बोले—“हम जैसे कई कलाकारों को उन्होंने आसमान तक पहुंचाया”

Mumbai मुंबई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर फिल्ममेकर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार, निर्माता, निर्देशक और उनके करीबी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पहलाज निहलानी का नाम उन निर्माताओं में शामिल रहा है जिन्होंने 80 और 90 के दशक में कई लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्में दीं। उन्होंने अपने करियर में कई नए कलाकारों को मौका दिया और उन्हें बड़ा मंच प्रदान किया। उनके निधन पर सबसे भावुक प्रतिक्रिया अभिनेता गोविंदा की रही, जिन्हें पहलाज निहलानी ने फिल्म ‘इल्जाम’ (1986) से लॉन्च किया था। गोविंदा अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और उन्होंने कहा कि पहलाज निहलानी उनके लिए सिर्फ एक निर्माता नहीं बल्कि एक मार्गदर्शक और नींव के पत्थर जैसे थे।
गोविंदा ने कहा कि पहलाज निहलानी ने उनके जैसे कई कलाकारों को अवसर दिया, जो पहले आर्थिक और सामाजिक रूप से संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सही समय पर मौका नहीं मिलता तो उनका करियर इतनी ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाता। गोविंदा ने भावुक होकर कहा कि पहलाज निहलानी ने कई कलाकारों को जमीन से उठाकर आसमान तक पहुंचाया।
पहलाज निहलानी ने अपने करियर की शुरुआत एक निर्माता के रूप में की और जल्द ही उन्होंने खुद को एक सफल फिल्म निर्माता के रूप में स्थापित कर लिया। उन्होंने कई हिट फिल्में दीं, जिनमें एक्शन, ड्रामा और कॉमेडी का अच्छा मिश्रण देखने को मिला। उनकी फिल्मों में आम दर्शकों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ मजबूत व्यावसायिक सोच भी झलकती थी।
गोविंदा के करियर में पहलाज निहलानी का विशेष योगदान माना जाता है। 1986 में आई फिल्म ‘इल्जाम’ से गोविंदा ने बॉलीवुड में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। यह फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और गोविंदा को एक उभरते हुए स्टार के रूप में पहचान मिली।
इसके बाद पहलाज निहलानी ने गोविंदा के साथ कई सफल फिल्मों में काम किया। इनमें ‘शोला और शबनम’ (1992) और ‘आंखें’ (1993) जैसी फिल्मों का नाम शामिल है, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और गोविंदा को सुपरस्टार की श्रेणी में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
एक पुराने इंटरव्यू में पहलाज निहलानी ने बताया था कि शुरुआत में वह गोविंदा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। उन्होंने कहा था कि जब पहली बार गोविंदा के फोटोग्राफ्स उनके पास आए थे, तो उन्हें उनका चेहरा खास पसंद नहीं आया था। हालांकि, बाद में जब उन्होंने गोविंदा के डांस और एक्शन से जुड़े वीडियो देखे, तो उनकी राय बदल गई।
पहलाज निहलानी ने बताया था कि गोविंदा के एनर्जी लेवल, डांस मूव्स और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें प्रभावित किया और उन्होंने उन्हें मौका देने का फैसला किया। यही निर्णय बाद में गोविंदा के करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
फिल्म ‘इल्जाम’ की सफलता के बाद गोविंदा ने लगातार कई हिट फिल्मों में काम किया और 90 के दशक में वह बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल हो गए। उनकी कॉमिक टाइमिंग, डांस स्टाइल और अभिनय ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
पहलाज निहलानी केवल गोविंदा तक सीमित नहीं रहे, उन्होंने कई अन्य कलाकारों और तकनीशियनों को भी अवसर दिया। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ऐसे निर्माता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने नए चेहरों को मौका देने में भरोसा दिखाया।
उनकी फिल्मों की खासियत यह रही कि वे आम दर्शकों से जुड़ी होती थीं और उनमें मनोरंजन का पूरा पैकेज होता था। उनके द्वारा बनाई गई फिल्मों ने उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई भी की।
उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई लोगों ने कहा कि पहलाज निहलानी का योगदान भारतीय सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा।
गोविंदा ने अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह हमेशा पहलाज निहलानी के ऋणी रहेंगे और उनके द्वारा दिए गए अवसर ने ही उनके जीवन को बदल दिया। उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
फिल्म इंडस्ट्री में उनके जाने को एक युग का अंत माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने जिस दौर में काम किया वह हिंदी सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण समय था।
उनकी विरासत आने वाले समय में भी फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।





