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एंटरटेनमेंट : रामानंद सागर की ऐतिहासिक टीवी सीरीज ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अरुण गोविल अब एक बिल्कुल अलग अवतार में नजर आने वाले हैं। नितेश तिवारी की भव्य फिल्म ‘रामायणम्’ में अरुण गोविल भगवान राम नहीं, बल्कि उनके पिता राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं। दशकों से दर्शकों के मन में ‘राम’ की छवि के रूप में बसे अरुण गोविल को आखिर राजा दशरथ के लिए क्यों चुना गया? अब उनकी कास्टिंग से जुड़ी दिलचस्प कहानी सामने आ चुकी है।
अरुण गोविल खुद नहीं करना चाहते थे दशरथ का रोल
अरुण गोविल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्हें पहली बार राजा दशरथ की भूमिका ऑफर की गई, तो उन्होंने तुरंत हामी नहीं भरी। उनकी सबसे बड़ी हिचकिचाहट यही थी कि दर्शक उन्हें इतने वर्षों से भगवान राम के रूप में देखते आए हैं। ऐसे में उसी कथा में अब राम के पिता की भूमिका निभाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था।
गोविल ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने इस रोल को करने से मना करने की कोशिश की थी। हालांकि निर्देशक नितेश तिवारी इस कास्टिंग को लेकर काफी स्पष्ट थे और चाहते थे कि अरुण गोविल ही राजा दशरथ बनें। आखिरकार बातचीत के बाद अभिनेता ने यह किरदार स्वीकार कर लिया।
मेकर्स चाहते थे पुरानी ‘रामायण’ से भावनात्मक जुड़ाव
अरुण गोविल के मुताबिक उन्हें ऐसा लगा कि मेकर्स नई ‘रामायणम्’ को रामानंद सागर की ‘रामायण’ से एक भावनात्मक कड़ी देना चाहते थे। टीवी पर भगवान राम का उनका किरदार भारतीय दर्शकों के लिए सिर्फ एक अभिनय भूमिका नहीं रहा, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान बन गया।
यही वजह मानी जा रही है कि फिल्म में राजा दशरथ के रूप में उनकी मौजूदगी पुराने और नए ‘रामायण’ संसार के बीच एक प्रतीकात्मक पुल तैयार करती है। एक दौर में जिन्होंने राम का किरदार निभाया, वही अब नई पीढ़ी के राम यानी रणबीर कपूर के पिता की भूमिका में दिखाई देंगे।
पहले किसी और अभिनेता ने दिया था दशरथ का ऑडिशन
अरुण गोविल की कास्टिंग का एक और दिलचस्प पहलू अभिनेता अजिंक्य देव ने उजागर किया था। अजिंक्य देव ने बताया कि लगभग तीन साल पहले उन्होंने भी फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था और वह ऑडिशन राजा दशरथ के किरदार के लिए था।
हालांकि बाद में भूमिका अरुण गोविल को मिली और अजिंक्य देव को विश्वामित्र का किरदार ऑफर किया गया। अजिंक्य ने खुद अरुण गोविल को दशरथ की भूमिका के लिए उपयुक्त बताया और कहा कि उनका इस किरदार में आना फिल्म के लिए बेहतर फैसला साबित हुआ।इससे साफ है कि राजा दशरथ के किरदार पर मेकर्स ने लंबे समय तक विचार किया और यह भूमिका शुरुआत से सीधे अरुण गोविल के पास नहीं आई थी।
नया पोस्टर सामने आते ही चर्चा में अरुण गोविल
7 अक्टूबर 2026 को फिल्म के मेकर्स ने अरुण गोविल का राजा दशरथ के रूप में सोलो पोस्टर जारी किया। इसमें उनका लुक शाही और गंभीर नजर आता है। पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके पुराने राम वाले किरदार और नए दशरथ अवतार की तुलना शुरू हो गई।अरुण गोविल का यह किरदार इसलिए भी खास है क्योंकि लगभग चार दशक बाद वह फिर उसी कथा संसार में लौटे हैं, जिसने उन्हें भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में शामिल कर दिया था।
कभी राम के रोल के लिए भी हुए थे रिजेक्ट
अरुण गोविल की ‘रामायण’ से जुड़ी कहानी खुद भी काफी दिलचस्प है। जब रामानंद सागर टीवी के लिए ‘रामायण’ बना रहे थे, तब अरुण गोविल ने भगवान राम का किरदार निभाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने ऑडिशन दिया, लेकिन शुरुआत में उन्हें इस भूमिका के लिए रिजेक्ट कर दिया गया था।
उन्हें भरत या लक्ष्मण जैसे दूसरे किरदार करने का विकल्प भी दिया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इच्छा राम का किरदार निभाने की है। बाद में आखिरकार उन्हें भगवान राम की भूमिका मिली और वह किरदार भारतीय टेलीविजन इतिहास का हिस्सा बन गया।अब करीब 40 साल बाद वही कलाकार राजा दशरथ का किरदार निभा रहा है। ऐसे में यह कास्टिंग उनके करियर की एक तरह से पूरी होती परिक्रमा जैसी भी दिखाई देती है।
रणबीर कपूर को राम के रूप में दिया समर्थन
नई ‘रामायणम्’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। उनकी कास्टिंग पर शुरुआत से ही काफी चर्चा हुई, लेकिन अरुण गोविल ने रणबीर का खुलकर समर्थन किया है।एक हालिया बातचीत में गोविल ने कहा कि आज के युवा कलाकारों में रणबीर कपूर उन्हें भगवान राम के किरदार के सबसे करीब नजर आते हैं। उन्होंने रणबीर के व्यवहार और विनम्रता की भी तारीफ की। सेट पर रणबीर द्वारा उनके प्रति दिखाए गए सम्मान का जिक्र करते हुए गोविल ने कहा कि यह गुण उन्हें प्रभावित करता है।यानी पर्दे पर राजा दशरथ और राम का रिश्ता निभाने वाले अरुण गोविल और रणबीर कपूर के बीच कैमरे के पीछे भी सम्मान का रिश्ता दिखाई देता है।
दशरथ की भूमिका क्यों है खास?
रामायण की कथा में राजा दशरथ बेहद महत्वपूर्ण किरदार हैं। वह अयोध्या के राजा होने के साथ राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के पिता हैं। राम के वनवास का प्रसंग हो या पुत्र वियोग की पीड़ा, दशरथ के किरदार में भावनात्मक गहराई बहुत अधिक है।
ऐसे में मेकर्स को इस भूमिका के लिए ऐसे अभिनेता की जरूरत थी, जो सिर्फ राजसी व्यक्तित्व ही नहीं बल्कि भावनात्मक गंभीरता भी पर्दे पर ला सके। अरुण गोविल की शांत स्क्रीन प्रेजेंस और ‘रामायण’ से जुड़ी उनकी पुरानी पहचान इस कास्टिंग को और खास बनाती है।
एक ही कथा में राम से दशरथ तक का सफर
अरुण गोविल की कास्टिंग की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वह भारतीय मनोरंजन जगत के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हो गए हैं, जो एक ही महाकाव्य की दुनिया में अलग-अलग पीढ़ियों के केंद्रीय किरदार निभा रहे हैं।
पहले वह खुद भगवान राम बने और अब राजा दशरथ के रूप में नई पीढ़ी के राम को पर्दे पर पुत्र के रूप में देखेंगे। यही भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव उनकी कास्टिंग को सामान्य चयन से कहीं ज्यादा खास बनाता है।
कुल मिलाकर अरुण गोविल का राजा दशरथ बनना महज एक स्टार कास्टिंग नहीं है। इसके पीछे पुरानी ‘रामायण’ की विरासत, नई फिल्म से भावनात्मक जुड़ाव और अभिनेता की दशकों पुरानी छवि भी बड़ी वजह है। शुरुआत में हिचकिचाने के बावजूद उन्होंने यह भूमिका स्वीकार की और अब उनका नया लुक सामने आने के बाद दर्शकों के बीच इस किरदार को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
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