मनोरंजन
CID के प्रोड्यूसर बीपी सिंह को कलाकारों ने दी आखिरी विदाई
Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 8:52 PM IST

x
मुंबई। भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय क्राइम शो 'सीआईडी' (CID) और हॉरर धारावाहिक 'आहट' जैसे चर्चित कार्यक्रमों के निर्माता-निर्देशक बीपी सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने 77 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ था। बुधवार, 28 अक्टूबर को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान 'सीआईडी' के कई कलाकार अपने प्रिय निर्माता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। शिवाजी साटम, दयानंद शेट्टी, आदित्य श्रीवास्तव, ऋषिकेश पांडे और अश्विनी कालसेकर सहित कई कलाकार भावुक नजर आए। अंतिम यात्रा के दौरान दया और अभिजीत का किरदार निभाने वाले कलाकारों ने बीपी सिंह की अर्थी को कंधा देकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
बीपी सिंह के निधन से टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक
बीपी सिंह का पूरा नाम बृजेंद्र पाल सिंह था। वह भारतीय टेलीविजन के जाने-माने निर्माता, निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई लोकप्रिय कार्यक्रमों का निर्माण किया।उनके निधन की जानकारी फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने साझा की थी। बताया गया कि बीपी सिंह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। मंगलवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया।उनकी मौत की खबर सामने आते ही मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ वर्षों तक काम करने वाले कलाकारों ने सोशल मीडिया और मीडिया से बातचीत में दुख व्यक्त किया।
अंतिम यात्रा में भावुक हुई पूरी CID टीम
बुधवार को बीपी सिंह की अंतिम यात्रा में 'सीआईडी' के कई कलाकार शामिल हुए। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा।शो में एसीपी प्रद्युम्न की भूमिका निभाने वाले शिवाजी साटम ने पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।वहीं, सीनियर इंस्पेक्टर दया का किरदार निभाने वाले दयानंद शेट्टी और इंस्पेक्टर अभिजीत की भूमिका निभाने वाले आदित्य श्रीवास्तव ने उनकी अर्थी को कंधा दिया।ऋषिकेश पांडे, अश्विनी कालसेकर और श्रद्धा मुसले भी अंतिम दर्शन करने पहुंचे।सोशल मीडिया पर सामने आए अंतिम यात्रा के वीडियो में कलाकारों के चेहरे पर अपने मार्गदर्शक को खोने का दुख दिखाई दिया।
शिवाजी साटम बोले- जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म
बीपी सिंह के निधन से सबसे ज्यादा भावुक दिखाई देने वालों में शिवाजी साटम भी शामिल रहे।सीआईडी' में एसीपी प्रद्युम्न का किरदार निभाकर घर-घर मशहूर हुए शिवाजी साटम ने बीपी सिंह को अपना करीबी दोस्त और गुरु बताया।उन्होंने कहा कि बीपी सिंह के निधन से उनके जीवन का एक बहुत बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है।शिवाजी साटम ने बताया कि वह थिएटर की दुनिया से आए थे और मंच पर अभिनय करना जानते थे, लेकिन कैमरे के सामने अभिनय की बारीकियां उन्होंने बीपी सिंह से सीखीं।उनके मुताबिक, बीपी सिंह कलाकारों को हर दृश्य की छोटी-छोटी बारीकियां समझाते थे।उन्होंने कहा कि बीपी सिंह जैसे प्रतिभाशाली तकनीशियन और निर्देशक की जगह लेना बेहद मुश्किल है।
शिवाजी साटम ने की पद्मश्री सम्मान देने की मांग
शिवाजी साटम ने बीपी सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय टेलीविजन को नई पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।उन्होंने बीपी सिंह को पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान का हकदार बताया।अभिनेता के अनुसार, बीपी सिंह ने टेलीविजन के लिए जो काम किया, उसका प्रभाव लंबे समय तक रहेगा।उन्होंने कहा कि बीपी सिंह केवल कार्यक्रम बनाने वाले निर्माता नहीं थे, बल्कि कलाकारों को बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रेरित करने वाले शिक्षक भी थे।
दयानंद शेट्टी बोले- मेरे लिए गॉडफादर जैसे थे
'सीआईडी' में दया का किरदार निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी भी बीपी सिंह को याद करते हुए भावुक हो गए।उन्होंने बताया कि बीपी सिंह उनके लिए गॉडफादर जैसे थे। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा बीपी सिंह के मार्गदर्शन में बिताया।दयानंद शेट्टी के मुताबिक, उन्होंने पहली बार बीपी सिंह के साथ ही कैमरे का सामना किया था।उन्होंने कहा कि करीब तीन दशकों तक साथ काम करने के दौरान बीपी सिंह ने उन्हें अभिनय के साथ जीवन की भी कई महत्वपूर्ण बातें सिखाईं।दयानंद ने अपने निर्माता को बड़े दिल वाला इंसान बताया, जिन्होंने अनेक संघर्षरत कलाकारों को काम करने और अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया।
अश्विनी कालसेकर ने बताया निजी नुकसान
अभिनेत्री अश्विनी कालसेकर भी बीपी सिंह को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हो गईं।उन्होंने कहा कि बीपी सिंह का जाना उनके लिए केवल पेशेवर नुकसान नहीं, बल्कि व्यक्तिगत क्षति भी है।अश्विनी ने उन्हें अपना गुरु बताते हुए कहा कि उन्होंने अभिनय की छोटी-छोटी बारीकियां बीपी सिंह से सीखी थीं।उनके मुताबिक, बीपी सिंह कलाकारों को बताते थे कि कैमरे के सामने छोटी-सी अभिव्यक्ति भी किसी दृश्य को कितना प्रभावशाली बना सकती है।अभिनेत्री ने कहा कि उनके गुरु अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेगी।
'सीआईडी' ने भारतीय टेलीविजन पर बनाया इतिहास
बीपी सिंह का नाम भारतीय टेलीविजन के सबसे चर्चित क्राइम धारावाहिकों में शामिल 'सीआईडी' से हमेशा जुड़ा रहेगा।साल 1998 में शुरू हुए इस कार्यक्रम ने भारतीय टेलीविजन पर लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया।शो की कहानी अपराध की जांच, रहस्य और पुलिस टीम की कार्रवाई के इर्द-गिर्द घूमती थी।एसीपी प्रद्युम्न, दया, अभिजीत और डॉक्टर सालुंखे जैसे किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए।बीपी सिंह ने इस धारावाहिक में कभी-कभी डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया था।'सीआईडी' ने न केवल दर्शकों को मनोरंजन दिया, बल्कि कई कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाई।
हॉरर शो 'आहट' से भी हासिल की लोकप्रियता
'सीआईडी' के अलावा बीपी सिंह ने हॉरर शो 'आहट' के जरिए भी दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।इस कार्यक्रम में डर, रहस्य और अलौकिक घटनाओं से जुड़ी कहानियां दिखाई जाती थीं।एक समय 'आहट' भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय हॉरर कार्यक्रमों में शामिल था।बीपी सिंह ने क्राइम और हॉरर जैसी अलग-अलग शैलियों में काम करके अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया।उन्होंने अपने निर्देशन में तकनीक, कैमरा वर्क और कहानी कहने के अंदाज को विशेष महत्व दिया।
टीवी इंडस्ट्री को दिया कई कलाकारों का साथ
बीपी सिंह ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से सिनेमैटोग्राफी की पढ़ाई की थी।कैमरे के पीछे काम करने के अनुभव ने उन्हें निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई।उनके साथ काम करने वाले कलाकारों के अनुसार, वह अभिनय के साथ तकनीकी पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देते थे।उन्होंने कई नए और संघर्षरत कलाकारों को अपने कार्यक्रमों में अवसर दिया। यही वजह है कि उनके निधन पर अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकार दुख व्यक्त कर रहे हैं।
हमेशा याद रहेगा बीपी सिंह का योगदान
बीपी सिंह के निधन से भारतीय टेलीविजन ने एक अनुभवी निर्माता, निर्देशक और मार्गदर्शक को खो दिया है।उनके अंतिम संस्कार में कलाकारों की मौजूदगी और भावुक श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण बनी कि उन्होंने अपने सहयोगियों के जीवन पर कितना गहरा प्रभाव छोड़ा था।दयानंद शेट्टी, शिवाजी साटम और अन्य कलाकारों की बातें उनके साथ बिताए लंबे सफर की याद दिलाती हैं।
Next Story





