दिल्ली-एनसीआर

CM फडणवीस का वीडियो हटाने पर भड़की VHP, विनोद बंसल ने मेटा से मांगी माफी

Ratna Netam
28 Oct 2026 8:40 PM IST
CM फडणवीस का वीडियो हटाने पर भड़की VHP, विनोद बंसल ने मेटा से मांगी माफी
x
नई दिल्ली/मुंबई : 28 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस मामले में मेटा से वीडियो बहाल करने और माफी मांगने की मांग की है। यह वीडियो दिसंबर में मुंबई में आयोजित होने वाली विश्व हिंदू कांग्रेस 2026 से संबंधित है, जिसमें मुख्यमंत्री लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।विश्व हिंदू कांग्रेस की आयोजन समिति ने भी मेटा की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि वीडियो में किसी आपत्तिजनक सामग्री के बजाय एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया था। ऐसे में उसे प्रतिबंधित किए जाने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। आयोजन समिति ने इस मामले में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, मुंबई पुलिस और दिल्ली पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।
26 अक्टूबर को अपलोड हुआ था वीडियो
आयोजन समिति के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का वीडियो 26 अक्टूबर 2026 को फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया था। वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री ने लोगों को 18 से 20 दिसंबर तक मुंबई में होने वाली विश्व हिंदू कांग्रेस में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।हालांकि, वीडियो अपलोड होने के कुछ ही घंटों बाद भारत में उसकी उपलब्धता प्रतिबंधित कर दी गई। आयोजकों के अनुसार, प्लेटफॉर्म की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी नियमों से जुड़ी कानूनी आवश्यकताओं का हवाला दिया गया था।इसके बाद आयोजन समिति ने 26 अक्टूबर की रात वीडियो दोबारा अपलोड किया, लेकिन 27 अक्टूबर को उसे फिर हटा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद आयोजकों ने मेटा की सामग्री संबंधी नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।
विनोद बंसल ने उठाई वीडियो बहाली और माफी की मांग
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस विवाद को लेकर मेटा से वीडियो बहाल करने और माफी मांगने की मांग की है। इस मांग के केंद्र में यह सवाल है कि मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम संबंधी संदेश को किस आधार पर प्रतिबंधित किया गया।विश्व हिंदू कांग्रेस की आयोजन समिति ने भी आशंका जताई है कि कार्रवाई के पीछे धार्मिक या वैचारिक पूर्वाग्रह हो सकता है। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह स्थापित हो कि वीडियो धार्मिक पक्षपात के कारण हटाया गया था।आयोजकों का कहना है कि किसी सोशल मीडिया कंपनी को अपने नियमों के तहत कार्रवाई करने का अधिकार हो सकता है, लेकिन संबंधित सामग्री को हटाने का स्पष्ट कारण बताना भी आवश्यक है।
मेटा की कंटेंट मॉडरेशन नीति पर सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद मेटा की कंटेंट मॉडरेशन नीति को लेकर है। आयोजन समिति का आरोप है कि कंपनी ने कानूनी आवश्यकताओं का सामान्य हवाला दिया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वीडियो किस विशेष कानून, नियम या प्लेटफॉर्म नीति का उल्लंघन कर रहा था।आयोजकों ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों से संबंधित सामग्री के साथ निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए।समिति ने मांग की है कि मेटा अपनी कार्रवाई का विस्तृत स्पष्टीकरण दे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में सामग्री संबंधी निर्णय किसी धार्मिक या वैचारिक पक्षपात से प्रभावित न हों।हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो पर प्रतिबंध किसी सरकारी निर्देश, कानूनी आदेश या मेटा की आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया के कारण लगाया गया था।
केंद्र सरकार और पुलिस से हस्तक्षेप की अपील
विश्व हिंदू कांग्रेस 2026 की आयोजन समिति ने मामले को औपचारिक रूप से उठाते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, मुंबई पुलिस और दिल्ली पुलिस को पत्र लिखा है।पत्र के माध्यम से अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे मेटा से वीडियो हटाए जाने का कारण पूछें और यह जांच करें कि कंपनी की कार्रवाई भारतीय कानूनों के अनुरूप थी या नहीं।इसके अतिरिक्त समिति ने सीधे मेटा को भी पत्र भेजकर प्रतिबंधित वीडियो को बहाल करने, कार्रवाई का कारण बताने और भविष्य में पारदर्शी तरीके से नियम लागू करने का आश्वासन मांगा है।28 अक्टूबर तक उपलब्ध रिपोर्टों में इस मामले पर मेटा की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया था।
18 से 20 दिसंबर तक मुंबई में विश्व हिंदू कांग्रेस
विश्व हिंदू कांग्रेस 2026 का आयोजन महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 18 से 20 दिसंबर के बीच किया जाएगा। कार्यक्रम का विषय 'समानं व्रतं सह चित्तम्' रखा गया है, जिसका आशय साझा प्रतिबद्धता और सामूहिक संकल्प से है।इस सम्मेलन में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, मीडिया, राजनीति, महिला नेतृत्व, युवा भागीदारी और हिंदू संगठनों सहित सात प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी।आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में लगभग 4,000 पंजीकृत प्रतिनिधियों की भागीदारी निर्धारित की गई है। कार्यक्रम में 150 से अधिक वक्ताओं और 45 से ज्यादा सत्रों की योजना है।विश्व हिंदू कांग्रेस का आयोजन वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन द्वारा किया जाता है। यह विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानंद की पहल है।इससे पहले सम्मेलन नई दिल्ली में 2014, अमेरिका के शिकागो में 2018 और थाईलैंड के बैंकॉक में 2023 मेंआयोजित किया जा चुका है।
कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना
आयोजकों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की भागीदारी निर्धारित है।इसके अतिरिक्त अर्थव्यवस्था, उद्योग, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।
अब मेटा के जवाब पर टिकी नजरें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा मामला बन गया है।एक ओर विश्व हिंदू परिषद और आयोजन समिति वीडियो की बहाली तथा कार्रवाई पर स्पष्टीकरण चाहती है, वहीं मेटा की ओर से प्रतिबंध के विशिष्ट आधार का सामने आना बाकी है।आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी वीडियो को बहाल करती है या प्रतिबंध के समर्थन में कोई स्पष्ट कानूनी अथवा नीतिगत कारण प्रस्तुत करती है। संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया से भी मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
Next Story