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कानपुर के अपमान के आरोप में फंसीं अंजलि अरोड़ा, 1.20 करोड़ का नोटिस

Rajeshwari Nishad
24 Oct 2026 1:39 PM IST
कानपुर के अपमान के आरोप में फंसीं अंजलि अरोड़ा, 1.20 करोड़ का नोटिस
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कानपुर। सोशल मीडिया पर 'कच्चा बादाम' गाने से लोकप्रिय हुईं अभिनेत्री और इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गई हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आयोजित 'नगाड़ा नाइट' कार्यक्रम को लेकर आयोजकों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोजकों का दावा है कि अंजलि अरोड़ा ने तय समय से पहले कार्यक्रम छोड़ दिया और कानपुर के लोगों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद उन्हें 1 करोड़ 20 लाख रुपये का कानूनी नोटिस भेजा गया है। आयोजकों ने हर्जाने के साथ सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की है।
यह विवाद 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है। आयोजकों का आरोप है कि अंजलि अरोड़ा को मंच पर 45 मिनट तक प्रस्तुति देनी थी, लेकिन उन्होंने करीब 12 मिनट में ही कार्यक्रम छोड़ दिया। इससे न केवल दर्शकों और अतिथियों को निराशा हुई, बल्कि कार्यक्रम के आयोजकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। हालांकि, अंजलि अरोड़ा ने इन आरोपों के जवाब में कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा संबंधी परेशानियां होने का दावा किया है।
45 मिनट की जगह सिर्फ 12 मिनट किया प्रदर्शन
आयोजकों के मुताबिक, अंजलि अरोड़ा को 'नगाड़ा नाइट' में विशेष प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम से पहले दोनों पक्षों के बीच प्रस्तुति के समय और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सहमति बनी थी।
आयोजकों का कहना है कि समझौते के अनुसार अंजलि को 45 मिनट तक मंच पर रहना था। इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल प्रायोजकों और विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई थी।लेकिन आयोजकों का आरोप है कि अंजलि ने महज 12 मिनट प्रस्तुति देने के बाद मंच छोड़ दिया। अचानक कार्यक्रम समाप्त होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई।आयोजक पक्ष का दावा है कि इस घटनाक्रम से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और प्रायोजकों के साथ किए गए व्यावसायिक समझौते भी प्रभावित हुए।
1.20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग
अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर प्रीति दुबे को आयोजकों की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के माध्यम से भेजा गया है।नोटिस में कुल 1.20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है। इसमें कथित मानहानि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए एक करोड़ रुपये तथा कार्यक्रम में हुए आर्थिक नुकसान के लिए 20 लाख रुपये मांगे गए हैं।आयोजकों ने दोनों से 15 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने और सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है।आयोजक पक्ष के अनुसार, कार्यक्रम में हुई कथित अव्यवस्था के कारण कुछ प्रायोजकों ने भुगतान रोक दिया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ।हालांकि, यह आयोजकों का दावा है। हर्जाने की राशि किसी अदालत द्वारा निर्धारित नहीं की गई है।
कार्यक्रम के लिए तीन लाख रुपये देने का दावा
आयोजकों का कहना है कि अंजलि अरोड़ा को कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए तीन लाख रुपये देने की सहमति बनी थी।कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें 2.75 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और शेष राशि भी बाद में दी गई। आयोजकों ने दावा किया कि यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं पर भी एक लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए।उनका आरोप है कि इतनी तैयारियों और खर्च के बावजूद कार्यक्रम तय शर्तों के अनुसार पूरा नहीं हुआ।आयोजकों में शामिल आशीष कुमार ने कहा है कि अंजलि के अचानक कार्यक्रम छोड़ने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ प्रतिष्ठा संबंधी परेशानी भी उठानी पड़ी।
'कच्चा बादाम' गाना बजने पर हुआ था विवाद
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। वीडियो में अंजलि अरोड़ा कार्यक्रम के दौरान डीजे से नाराज होती दिखाई दे रही थीं।बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में उनका लोकप्रिय गाना 'कच्चा बादाम' बजाया गया था। इसके बाद मंच पर कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति बनी।आयोजकों का आरोप है कि अंजलि गाना बजाए जाने से नाराज हो गई थीं और उन्होंने आयोजन टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया।इसके अलावा आयोजकों ने कानपुर के लोगों के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप भी लगाया है।हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अंजलि अरोड़ा ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस विवाद में अंजलि अरोड़ा का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आयोजकों के आरोपों का जवाब दिया था।अंजलि ने कहा कि उन्हें 'कच्चा बादाम' गाने से कोई समस्या नहीं है। इसी गाने से उन्हें पहचान मिली थी और वह इसके लिए आभारी हैं।उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। उनके मुताबिक, कुछ लोग बार-बार उनके निजी स्थान में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे।अंजलि ने होटल में ठहरने के दौरान भी परेशानी होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कमरे की घंटी बार-बार बजाई गई और लोग तस्वीरें खिंचवाने के लिए पहुंचते रहे।अंजलि का कहना था कि इन्हीं परिस्थितियों के कारण वह असहज महसूस कर रही थीं। दूसरी ओर आयोजकों ने सुरक्षा में कमी के उनके आरोपों से असहमति जताई है।
पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग
कानूनी नोटिस भेजने के साथ आयोजकों ने कानपुर के स्वरूप नगर थाने में प्रार्थना पत्र देकर अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।आयोजकों के अधिवक्ता ने कहा है कि यदि पुलिस शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो वे वरिष्ठ अधिकारियों और अदालत का रुख कर सकते हैं।हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि आयोजकों के आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस विवाद के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग आयोजकों की शिकायतों को गंभीर बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग किसी कलाकार के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था को जरूरी मान रहे हैं।अंजलि अरोड़ा सोशल मीडिया पर लोकप्रिय चेहरा हैं और अपने डांस वीडियो तथा मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट के कारण चर्चा में रहती हैं।अब कानपुर का यह आयोजन उनके लिए कानूनी विवाद का कारण बन गया है।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावों में अंतर है। आयोजक इसे समझौते के उल्लंघन और आर्थिक नुकसान का मामला बता रहे हैं, जबकि अंजलि अरोड़ा ने कार्यक्रम छोड़ने के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है। आगे की कार्रवाई में दोनों पक्षों के साक्ष्य और समझौते की शर्तें महत्वपूर्ण होंगी।
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