
हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में मां गंगा के दर्शन करने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। अब हरकी पैड़ी और आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लंबी दूरी पैदल तय करने की परेशानी से राहत मिल सकेगी। जिला प्रशासन और नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू करने की योजना तैयार की है। इस सेवा को 'गंगा सारथी' नाम दिया गया है। नगर निगम की योजना के अनुसार, दीपावली से पहले इसका संचालन शुरू करने की तैयारी है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों को इस सुविधा से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और नगर आयुक्त नंदन कुमार की पहल पर तैयार की गई इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को कम किराए में सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में 20 इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट संचालित करने का प्रस्ताव है। इन वाहनों की मदद से श्रद्धालु हरकी पैड़ी और आसपास के धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
ढाई किलोमीटर के दायरे में चलेगी गंगा सारथी
नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, प्रस्तावित इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा लगभग ढाई किलोमीटर के दायरे में संचालित की जाएगी। पहले चरण में हरिद्वार के मुख्य डाकघर से हरकी पैड़ी तक गोल्फ कार्ट चलाई जाएंगी। इसके बाद दूसरे चरण में हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा कुंड तक सेवा का विस्तार किया जाएगा।
इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। हरिद्वार में हर दिन बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचते हैं। विशेष त्योहारों और पर्वों के दौरान भीड़ अधिक होने से लोगों को पैदल आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सिर्फ 20 रुपये में कर सकेंगे यात्रा
नगर निगम ने गंगा सारथी सेवा का किराया आम श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया है। मुख्य डाकघर से हरकी पैड़ी और हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा कुंड तक प्रत्येक निर्धारित यात्रा के लिए प्रति यात्री 20 रुपये किराया रखने की योजना है।
इसके अलावा स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के लिए मासिक पास की सुविधा भी प्रस्तावित की गई है। वहीं, विशिष्ट अतिथियों के लिए विशेष पास की व्यवस्था करने की तैयारी है। इससे नियमित रूप से आवाजाही करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिलेगी राहत
हरिद्वार में मां गंगा के दर्शन और स्नान के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों, छोटे बच्चों और दिव्यांगजनों की भी होती है। कई बार धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें परेशानी होती है।
गंगा सारथी सेवा शुरू होने से ऐसे श्रद्धालुओं को कम दूरी की यात्रा के लिए एक सुविधाजनक विकल्प मिल सकेगा। इससे उन्हें पैदल चलने की परेशानी कम होगी और धार्मिक यात्रा अधिक सुगम बन सकेगी।
जीपीएस और सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगी गोल्फ कार्ट
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक उपचार किट रखने का प्रस्ताव है।
भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर मार्शल तैनात करने की योजना भी तैयार की गई है। ये कर्मचारी यात्रियों को मार्गदर्शन देने और वाहनों के सुरक्षित संचालन में सहयोग करेंगे।
तीन स्थानों पर बनाए जाएंगे टिकट काउंटर
यात्रियों को टिकट लेने में परेशानी न हो, इसके लिए तीन प्रमुख स्थानों पर टिकट काउंटर बनाने की योजना है। इनमें मुख्य डाकघर के पास, हरकी पैड़ी और क्षेत्र का एक अन्य प्रमुख स्थान शामिल है।
इन काउंटरों के माध्यम से श्रद्धालु निर्धारित किराया देकर यात्रा के लिए टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इससे टिकट वितरण और यात्री प्रबंधन को व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
चार्जिंग स्टेशन और रखरखाव केंद्र की तैयारी
इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट के नियमित संचालन के लिए चार्जिंग और रखरखाव की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सर्वानंद घाट के निकट मुख्य चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त हरकी पैड़ी पर गुरु के लंगर के पास एक अतिरिक्त केंद्र बनाने की तैयारी है। इन सुविधाओं से वाहनों की चार्जिंग और तकनीकी रखरखाव में सहायता मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगी मदद
गंगा सारथी सेवा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। बैटरी से चलने वाले इन वाहनों से संचालन के दौरान स्थानीय स्तर पर धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से गंगा तट और आसपास के धार्मिक क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण कम करने में भी सहायता मिल सकती है। इससे श्रद्धालुओं को शांत और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
दीपावली से पहले सेवा शुरू करने की तैयारी
नगर निगम की योजना है कि आगामी दीपावली से पहले गंगा सारथी सेवा का संचालन शुरू कर दिया जाए। हालांकि, इसकी निश्चित शुरुआत की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना सफल होने पर हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही और अधिक व्यवस्थित हो सकती है।





