Alka Yagnik को मिला पद्म भूषण, समारोह के बाद स्वास्थ्य को लेकर फैंस चिंतित

New Delhi: प्रसिद्ध बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर अलका याज्ञनिक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे अलंकरण समारोह के दौरान 23 जून को प्रदान किया गया। अलका याज्ञनिक को भारतीय संगीत जगत में उनके लंबे और महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
समारोह के दौरान उनकी उपस्थिति का वीडियो और तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आईं, उनके प्रशंसकों के बीच चिंता का माहौल देखने को मिला। कई लोगों ने उनकी सेहत को लेकर सवाल उठाए और उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की।
#WATCH | Delhi | Eminent playback singer Alka Yagnik conferred with Padma Bhushan by President Droupadi Murmu
— ANI (@ANI) June 23, 2026
(Video source: Rashtrapati Bhavan) pic.twitter.com/ui2U9koEMy
अलका याज्ञनिक भारतीय संगीत जगत की सबसे लोकप्रिय आवाजों में से एक मानी जाती हैं। 90 के दशक में उन्होंने कई सुपरहिट गीतों को अपनी आवाज दी, जो आज भी लोगों की यादों और जीवन का हिस्सा बने हुए हैं। उनकी आवाज ने बॉलीवुड संगीत को एक नई पहचान दी और उन्हें देश-विदेश में लोकप्रिय बनाया।
हाल के वर्षों में अलका याज्ञनिक को एक दुर्लभ स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा है। उन्हें साल 2024 में Sensorineural Hearing Loss (SNHL) नामक बीमारी का पता चला था। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें अचानक वायरल संक्रमण के कारण सुनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। इस बीमारी की वजह से उनकी सुनने की क्षमता काफी प्रभावित हुई और उन्हें कई संगीत कार्यक्रमों से दूरी बनानी पड़ी।
इस स्थिति के चलते उन्होंने अपने फैंस को भी सावधान रहने की सलाह दी थी और तेज आवाज वाले संगीत के खतरों के बारे में जागरूक किया था। उनके इस कदम को भी लोगों ने सराहा था।
पद्म भूषण मिलने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें बधाई दी, वहीं कई लोगों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई। एक यूजर ने लिखा कि उन्हें बचपन से ही अलका याज्ञनिक के गाने सुनना पसंद है और उनकी आवाज ने जीवन के कई पलों को खास बनाया है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि उनके जैसे कलाकार की आवाज हमेशा लोगों के दिलों में रहती है और वे उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
अलका याज्ञनिक की यह उपलब्धि उनके लंबे संगीत करियर की बड़ी पहचान मानी जा रही है। उन्होंने हिंदी सिनेमा के अलावा कई अन्य भाषाओं में भी गीत गाए हैं और अपनी गायकी से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई है।
पद्म भूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो कला, संगीत, साहित्य, शिक्षा, खेल और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। अलका याज्ञनिक को यह सम्मान मिलना भारतीय संगीत जगत के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।
उनके प्रशंसकों का कहना है कि भले ही वे स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगे। सोशल मीडिया पर लगातार उन्हें शुभकामनाएं और समर्थन संदेश भेजे जा रहे हैं।
इस तरह अलका याज्ञनिक का पद्म भूषण सम्मान न केवल उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय संगीत इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है।





