
Entertainment मनोरंजन : भारतीय टेलीविजन में पिछले दो दशकों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भले ही अब ओटीटी प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन टीवी सीरियल्स की पकड़ आज भी दर्शकों के बीच मजबूत बनी हुई है। खासकर सास-बहू ड्रामा और पारिवारिक कहानियों ने लंबे समय तक भारतीय घरों में अपनी खास जगह बनाई है। इस पूरे बदलाव में एक नाम सबसे आगे आता है और वह है एकता कपूर का, जिन्होंने टीवी की दुनिया को एक नया चेहरा दिया।
एकता कपूर ने भारतीय टेलीविजन को उस दौर में नया मोड़ दिया जब दूरदर्शन के सीमित धारावाहिक ही लोगों के मनोरंजन का मुख्य साधन हुआ करते थे। उन्होंने ऐसे शोज बनाए जो सिर्फ कहानी नहीं थे, बल्कि एक पूरा इमोशनल कनेक्शन बन गए। उनके सीरियल्स ने भारतीय दर्शकों की रोजमर्रा की जिंदगी को टीवी स्क्रीन पर उतार दिया, जिससे लोग खुद को इन कहानियों में देखने लगे।
उनके शोज की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने फैमिली ड्रामा को एक नए स्तर पर पहुंचाया। बड़े संयुक्त परिवारों की उलझनें, रिश्तों की जटिलताएं, सास-बहू के बीच टकराव और भावनात्मक मोड़—इन सभी को ऐसे पेश किया गया कि दर्शक हर एपिसोड से जुड़े रहे। यही कारण था कि कई घरों में टीवी देखने का समय तय हो गया था और लोग एक साथ बैठकर इन सीरियल्स को देखने लगे।
एकता कपूर के जिन शोज ने सबसे ज्यादा लोकप्रियता हासिल की, उनमें “क्योंकि सास भी कभी बहू थी”, “कहानी घर घर की”, “कसौटी जिंदगी की”, “कुमकुम – एक प्यारा सा बंधन”, “कहीं किसी रोज”, “पवित्र रिश्ता” और “ये है मोहब्बतें” जैसे नाम शामिल हैं। इन शोज ने न केवल टीआरपी के रिकॉर्ड बनाए, बल्कि भारतीय टीवी की दिशा भी बदल दी।
इन सीरियल्स ने नए एक्टर्स को बड़ा प्लेटफॉर्म दिया और कई कलाकार घर-घर में पहचाने जाने लगे। इसके साथ ही टीवी इंडस्ट्री में प्रोडक्शन क्वालिटी, कहानी कहने का तरीका और इमोशनल ड्रामा का स्तर भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ।
इन शोज का असर सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी देखने को मिला। कई मुद्दे जो पहले चर्चा में नहीं आते थे, वे इन सीरियल्स के जरिए लोगों तक पहुंचे। परिवार, रिश्ते और समाज से जुड़े विषयों पर बातचीत बढ़ी।
आज ओटीटी के समय में भी इन पुराने शोज की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। कई लोग आज भी इन्हें याद करते हैं और दोबारा देखते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि एकता कपूर के बनाए गए ये शोज भारतीय टेलीविजन इतिहास का अहम हिस्सा बन चुके हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मिसाल बने रहेंगे।





