
Entertainment मनोरंजन : भारतीय टेलीविजन का स्वरूप समय के साथ बदलता रहा है। जहां पहले दूरदर्शन के धारावाहिक ही घर-घर की कहानियों का हिस्सा थे, वहीं आज सैटेलाइट टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों को कई विकल्प दे दिए हैं। लेकिन अगर हम भारतीय टीवी शोज की लोकप्रियता और उनकी पॉप कल्चर पर प्रभाव की बात करें, तो एक नाम हमेशा सबसे ऊपर आता है—**एकता कपूर**।
एकता कपूर ने भारतीय टेलीविजन को एक नया आयाम दिया। उनके धारावाहिकों ने पारंपरिक ‘सास–बहू’ कहानियों और पारिवारिक ड्रामों को पूरी तरह बदलकर पेश किया। उन्होंने ऐसे शोज बनाए, जिन्होंने सिर्फ मनोरंजन ही नहीं किया, बल्कि समाज और घर की महिलाओं के दृष्टिकोण को भी बदलने में योगदान दिया। उनके शोज इतने प्रभावशाली थे कि कई घरों में सैटेलाइट टीवी इसी वजह से आया क्योंकि महिलाएं अपने दोस्तों और परिवार के साथ इन शोज के बारे में चर्चा करती थीं।
उनकी टीवी यात्रा में कई ऐसे शोज हैं जिन्होंने दर्शकों के दिलों में विशेष जगह बनाई। सबसे पहला नाम आता है **‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’** का। यह शो न केवल एक सास–बहू ड्रामा था, बल्कि भारतीय पारिवारिक जीवन की जटिलताओं और रिश्तों की गहराई को दर्शाता था। इसके बाद **‘कहानी घर घर की’** ने भी दर्शकों के बीच घर-घर में चर्चाओं का केंद्र बनकर साबित किया कि पारिवारिक संघर्ष और प्रेम कहानियां कितनी प्रभावशाली हो सकती हैं।
इसके अलावा **‘कसौटी जिंदगी की’**, **‘कसुम’**, और **‘कहानी घरघर की’** जैसे शोज ने भी युवा वर्ग और महिलाओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन शोज में दिखाए गए पात्र, उनकी भावनाएं और रिश्तों की जटिलताएं, दर्शकों को पूरी तरह स्क्रीन से बांधे रखती थीं।
एकता कपूर ने सिर्फ पारंपरिक कहानियों तक ही सीमित नहीं रही। उन्होंने **‘कुमकुम’**, **‘क्योंकि… ये प्यार है’**, और **‘बालिका वधू’** जैसे शोज के माध्यम से समाज में विविध मुद्दों को भी उठाया। इन शोज में नारी सशक्तिकरण, परिवारिक संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धताओं को बखूबी दर्शाया गया। उनकी कहानियां भारतीय दर्शकों के जीवन से जुड़ी हुई थीं, जिससे हर घर में लोग इन शोज से खुद को जोड़ते नजर आए।
हालांकि अब धीरे-धीरे टीवी से ओटीटी प्लेटफॉर्म की तरफ शिफ्ट हो रहा है, लेकिन एकता कपूर के शोज ने जो दर्शकों में दीवानगी और सिनेमा जैसा आकर्षण पैदा किया, वह आज भी याद किया जाता है। उनके शोज ने यह साबित किया कि एक कहानी, जब सही ढंग से प्रस्तुत की जाए, तो वह किसी भी उम्र और वर्ग के दर्शकों को जोड़ सकती है।
इस तरह एकता कपूर ने न केवल भारतीय टेलीविजन को नए आयाम दिए, बल्कि टीवी शोज को समाज का अहम हिस्सा बना दिया। उनके शोज का प्रभाव अभी भी नए निर्माताओं और दर्शकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।





