
पश्चिम बंगाल: सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। बरुईपुर में 11 साल की बच्ची के रेप और हत्या के विरोध में आयोजित तृणमूल कांग्रेस (TMC) की रैली के दौरान हंगामा देखने को मिला। ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में अंडे फेंके जाने और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने का दावा किया गया है। यह रैली दक्षिण कोलकाता के बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ तक निकाली गई थी। सामने आए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि रैली में शामिल लोगों की ओर अंडे फेंके गए और विरोध में नारे लगाए गए। हालांकि इस घटना को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे हैं। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस विरोध प्रदर्शन के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों का हाथ है। वहीं भाजपा ने इसे आम लोगों की नाराजगी बताते हुए टीएमसी के आरोपों को खारिज किया है।
रैली का आयोजन कलकत्ता हाई कोर्ट की अनुमति के बाद किया गया था। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा और टीएमसी युवा इकाई के कार्यकर्ताओं के बीच भी टकराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। रैली के दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। सुरक्षा बलों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग करने का प्रयास किया, ताकि विवाद और न बढ़े।
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर लगाए आरोप
रैली के समापन के बाद दक्षिण कोलकाता के हाजरा क्रॉसिंग पर सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने जानबूझकर रैली में बाधा डालने की कोशिश की और टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। ममता बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट ने रैली की अनुमति दी थी, लेकिन पुलिस अदालत के आदेश को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी। उन्होंने पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय भाजपा के दबाव में दिखाई दे रही है। ममता ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सभी को है और किसी भी राजनीतिक दल को इसे रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भाजपा ने टीएमसी पर साधा निशाना
वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी की रैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को बरुईपुर मामले पर प्रदर्शन करने का नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सरकार का रवैया सही नहीं रहा है। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि पिछली सरकारों में अपराधियों को बचाने की कोशिश हुई और पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ा।
बंगाल में बढ़ी राजनीतिक हलचल
बरुईपुर मामले को लेकर पहले से ही बंगाल की राजनीति में तनाव बना हुआ है। टीएमसी जहां इसे कानून-व्यवस्था और न्याय से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा इसे राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का मौका मान रही है। ममता बनर्जी ने अपने भाषण में भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रहेगी। हालांकि भाजपा की ओर से उनके आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल रैली के दौरान हुए हंगामे के बाद बंगाल की सियासत और गरम हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।





