
पश्चिम बंगाल: पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने अपना आपा खो दिया और भीड़ के बीच अपने ही एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया। हालांकि, इस वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी साफ नहीं है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में TMC कार्यकर्ता है या फिर भीड़ में शामिल कोई अन्य व्यक्ति। इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ममता बनर्जी भारी सुरक्षा घेरे और पार्टी समर्थकों के बीच पैदल आगे बढ़ रही हैं। उनके आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और सुरक्षाकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इसी दौरान ममता बनर्जी अपने पास खड़े एक व्यक्ति पर हाथ उठाती हुई दिखाई देती हैं। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग उस व्यक्ति को पीछे की ओर ले जाते हैं। वहीं ममता बनर्जी बिना रुके आगे बढ़ती रहती हैं।
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे ममता बनर्जी की नाराजगी और हताशा से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यह सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को हटाने की कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल घटना की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ममता बनर्जी ने किस परिस्थिति में ऐसा कदम उठाया। वीडियो के संदर्भ और उसमें मौजूद लोगों की पहचान को लेकर भी जांच की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो उस विरोध मार्च से जुड़ा हो सकता है, जिसे TMC ने बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में आयोजित किया था। इस मार्च के दौरान राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला था। इससे पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके प्रदर्शन मार्च को रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि कलकत्ता हाई कोर्ट की अनुमति के बावजूद रैली में बाधा डाली गई।
दक्षिण कोलकाता के हाजरा क्रॉसिंग पर मार्च के समापन के बाद सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भाजपा समर्थकों ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और रैली को प्रभावित करने की कोशिश की। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया था कि अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस व्यवस्था ठीक से लागू क्यों नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की गई।
वहीं, रैली के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस युवा इकाई के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर भी सामने आई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और लाठीचार्ज की बात भी सामने आई। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो सकती है, लेकिन घटना की पूरी सच्चाई सामने आने के लिए आधिकारिक पुष्टि और जांच का इंतजार करना होगा।





