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सम्पादकीय

मायूस न हो...

Subhi
5 May 2021 4:40 AM GMT
मायूस न हो...
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यह पंक्तियां किसी मित्र ने मुझे व्हाट्सएप पर भेजीं। वाकयी इस समय किसी के प्यार, सहानुभूति या हौसले के शब्द बहुत काम कर जाते हैं।

किरण चोपड़ा: यह पंक्तियां किसी मित्र ने मुझे व्हाट्सएप पर भेजीं। वाकयी इस समय किसी के प्यार, सहानुभूति या हौसले के शब्द बहुत काम कर जाते हैं। जब आप किसी ऐसे माहौल में हों, फोन की घंटी, व्हाट्सएप तुम्हें डरा देते हैं कि कौन सिरियस है, कौन चला गया। इस सप्ताह मैंने अपने बहुुत से नजदीकी मित्रों को खोया है। बहुत दिल छोटा होता है, कइयों की मदद की, कई तो रिकवर हो गए, कई नहीं रहे। जब मन बहुत मायूस था तो इन पंक्तियों ने व्हाट्सएप पर मेरा हौसला बुलंद किया कि किरण तुम्हें तो बहुत से लोगों को सम्भालना है, तुम रोकर, मायूस होकर नहीं बैठ सकतीं। ऐसे ही मेरे चौपाल कार्यकारिणी के भाई विकेश सेठी, राजकुमार भाटिया व्हाट्सएप मैसेज और वाइस मैसेज डालते हैं, उनकी आवाज और हौंसलों में बहुत ताकत होती है।

चाहे गाना गाओ, शायरी करो, कुछ भी सुनाओ या इच्छा या अपने सपने के बारे में सुनाओ तो काफी लोग व्यस्त हैं परन्तु अभी भी हमारे सदस्य इतने कर्मठ हैं कि भलाई के काम करने के लिए आगे रहते हैं। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं। मेरे फरीदाबाद ब्रांच हैड डी.एन. कथूरिया जी जो एक बहुत बड़े उद्योगपति हैं। जिनका काम ही सेवा करना है। यहां तक कि हम जब दुबई गए थे तो वो अपना एक अटेंडेट और एक डाक्टर लेकर गए थे परन्तु उनके डाक्टर वहां दूसरे वरिष्ठों की फिजियोथैरेपी और सेवा कर रहे थे। आज जब उनके बेटे से बातचीत हो रही थी जो बेटा दुनिया के लिए एक उदाहरण है, दोनों बहू-बेटा जो उनकी सेवा करते हैं, ख्याल रखते हैं, कहने-सुनने में थोड़ा होगा। अगर मैं कहूंगी वो कह रहा था दीदी आपने उनको इतना व्यस्त किया है कि हम भी पिछले डेढ़ साल से उनको घर में रखकर बैठे हैं, कहीं जाने और मिलने नहीं देते परन्तु फिर भी वो किसी न किसी बहाने गेट पर चौकीदार, ड्राइवर को प्रसाद देने के बहाने निकल जाते हैं। मैं उसकी बात पर मुस्करा रही थी। अब 85 साल तक जिन्होंने सबकी सेवा की है, प्यार दिया है तुम कैसे उनको रोक पाओगे।
मेरी पूरी कोशिश है आपको खुश और व्यस्त रखने की। इस बार भी सबकी मंगल कामना करते हुए प्रसिद्ध भजन गायक सिद्धार्थ मोहन जी के भजन रखे थे। सिद्धार्थ मोहन जी की आवाज इतनी मधूर, सुरीली और हिलिंग पावर वाली है। सबने उनको बहुत अच्छे से सुना और आशीर्वाद दिये। सिद्धार्थ मोहन खुद वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए आगे आते हैं। उन्होंने वी.एन.के.सी. को सहायता राशि भी दी। और अब वह बीमारों को आक्सीन सप्लाई फ्री में कर रहे हैं। वाह क्या बात है। मैं तो उसे छोटा भाई मानती हूं और उस पर, उसकी आवाज पर, उसके सेवाभाव पर वारी-वारी जाती हूं। सभी गायक जो वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब से जुड़े हैं, पूरा आशीर्वाद लेकर चल रहे हैं। हमारे सबसे पहले सेवा देने वाले हंसराज हंस तो आज लोकप्रिय एमपी हैं और ऐसे ही शंकर साहनी और जसबीर जस्सी हैं। अगली बार हम शंकर साहनी का प्रोग्राम रख रहे हैं और उसके बाद जस्सी फिर डाक्टर के साथ वेबिनार करेंगे। सबको मेरी हाथ जोडक़र प्रार्थना है कि घर के अन्दर रहें, स्वस्थ रहें, व्यस्त रहें, मस्त रहें, सुबह का यानी अच्छे समय का इंतजार करें, जो सुबह जरूर आएगी।


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