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कौन हैं ACP विवेक भगत महिला पत्रकार के आरोपों के बाद चर्चा में नाम

Alisha
4 Oct 2026 3:52 PM IST
कौन हैं ACP विवेक भगत महिला पत्रकार के आरोपों के बाद चर्चा में नाम
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नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान एक महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला पत्रकार का आरोप है कि जब वह प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो बना रही थीं, तभी ACP विवेक भगत ने कथित तौर पर उनके सीने पर हाथ मारा और उन्हें धक्का दिया। फिलहाल ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।
मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। यहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाने लगा। महिला पत्रकार के मुताबिक वह AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने का वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं। इसी दौरान उनकी ACP विवेक भगत से बातचीत हुई और इसके बाद कथित घटना हुई।
महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर उन्होंने ACP विवेक भगत से सवाल किया था। इसके बाद अधिकारी ने कथित रूप से उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और पीछे धकेल दिया। घटना के बाद पत्रकार ने पुलिस से शिकायत की। मामले को लेकर पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई की मांग भी की।
इस विवाद में केवल एक शिकायत सामने नहीं आई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतें मिली हैं। नई दिल्ली जिला पुलिस ने इन शिकायतों को आगे की निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बयान लिए जाने तथा उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल किए जाने की संभावना है।
इस पूरे मामले के बीच ACP विवेक भगत का नाम चर्चा में आने के बाद उनकी सर्विस और UPSC परीक्षा से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विवेक भगत ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में सफलता हासिल की थी। रिपोर्ट के अनुसार उनकी ऑल इंडिया रैंक 967 थी और उनका रोल नंबर 756167 था।
विवेक भगत DANIPS यानी दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। DANIPS के अधिकारी दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस प्रशासन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते हैं। मौजूदा समय में विवेक भगत दिल्ली पुलिस में ACP के पद पर कार्यरत हैं और रिपोर्ट के अनुसार कनॉट प्लेस सर्कल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
ACP स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपने क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की निगरानी करने, संवेदनशील आयोजनों और प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन तथा विभिन्न मामलों की जांच की निगरानी से जुड़ी होती है। जंतर-मंतर और उसके आसपास अक्सर बड़े राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रदर्शन होते हैं, जिसके चलते यहां कानून-व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
विवेक भगत इससे पहले जुलाई 2026 में भी जंतर-मंतर क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए थे। उस समय प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में ACP भगत के घायल होने की खबर सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें सिर, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं और उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने उस समय कहा था कि भीड़ के बीच फंसे भगत को अन्य पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाला था।
अब अक्टूबर में महिला पत्रकार की शिकायत के बाद उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उनके खिलाफ लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोप से जुड़ा है। शिकायत सामने आने के बाद पत्रकारों और विभिन्न संगठनों ने कार्रवाई की मांग की है। मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घटना का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आती है।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। इस स्तर पर महिला पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं और इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ACP विवेक भगत की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
अब सबकी नजर क्राइम ब्रांच की जांच पर है। जांच में घटनास्थल के वीडियो, उपलब्ध फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायतकर्ता पत्रकारों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों के संबंध में पुलिस आगे क्या कानूनी या विभागीय कार्रवाई करती है। फिलहाल ACP विवेक भगत के खिलाफ लगे आरोपों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और मीडिया के बीच व्यवहार तथा महिला पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है।
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