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पश्चिम बंगाल का तीखा-खट्टा 'झालमुरी' PM Modi की पसंदीदा, NDA बैठक में बना आकर्षण

Delhi दिल्ली: पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध स्नैक 'झालमुरी' राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस स्नैक में बढ़ती रुचि ने इसे एक नए चर्चित विषय के रूप में पेश किया है। बुधवार को दिल्ली के भारत मंडपम में NDA की अहम बैठक में झालमुरी ने सभी का ध्यान खींचा और इस स्नैक को बैठक का आकर्षण केंद्र बना दिया।
इस बैठक में सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के सभी सहयोगी दलों के नेता, भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। बैठक के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया कि पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी खुद झालमुरी बनाते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को परोसते हैं। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा की और 'झालमुरी' को राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में सामने ला दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी झालमुरी के प्रति अपनी रुचि दिखा चुके हैं। 19 अप्रैल को वे झारग्राम शहर में राज कॉलेज मोड़ के पास स्थित बिक्रम कुमार साव की झालमुरी की दुकान पर रुके थे। वहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से स्नैक खरीदा और उसका स्वाद लिया, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। यह घटना उस समय सुर्खियों में आई थी और झालमुरी की लोकप्रियता में इज़ाफा किया।
Relished Tangy, Masaledar and Crunchy Jhalmuri at the NDA meeting. pic.twitter.com/ojuNkFDlOv
— Amit Shah (@AmitShah) June 10, 2026
झालमुरी, जिसे बंगाली भाषा में 'मिश्रित चावल का स्नैक' कहा जाता है, अपने तीखे, खट्टे और मसालेदार स्वाद के लिए मशहूर है। चावल, मूँगफली, प्याज़, हरी मिर्च, नमक और तेल के मिश्रण से तैयार यह स्नैक न केवल स्वाद में अनोखा है बल्कि भारत के कई हिस्सों में इसे सड़क किनारे और स्थानीय बाजारों में आसानी से पाया जा सकता है। इस स्नैक की लोकप्रियता बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा भी मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी का इस पारंपरिक स्नैक में बढ़ता रुचि दर्शाता है कि भारतीय सांस्कृतिक और लोक व्यंजन राष्ट्रीय पहचान में कितनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो के आने के बाद लोग झालमुरी के स्वाद और इसे तैयार करने की शैली पर चर्चा कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे राष्ट्रीय स्नैक घोषित करने की मांग तक उठाई है, जबकि कुछ इसे राजनीतिक और सांस्कृतिक संवाद का प्रतीक मान रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे लोक व्यंजन, जो स्थानीय संस्कृति का हिस्सा हों, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत रुचि और नेताओं द्वारा इसका प्रचार झालमुरी को एक नई लोकप्रियता दे सकता है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के स्थानीय बाजार और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स में झालमुरी की मांग में वृद्धि हुई है। स्थानीय विक्रेता इसे 'राष्ट्रीय स्नैक का दर्जा मिलने की संभावना' के रूप में देख रहे हैं और इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं।





