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अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर मामला: NIA ने पंजाब में लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव की संपत्ति ज़ब्त की

New Delhi: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक ऑपरेटिव के पंजाब स्थित घर को ज़ब्त कर लिया। यह मामला एक ऐसे इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़ा है जिसके तार कई देशों से जुड़े हैं।NIA के अनुसार, यह प्रॉपर्टी आरोपी अंकुश कपूर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड थी। अंकुश कपूर भारत में उस नार्को-टेरर नेटवर्क का एक अहम ऑपरेटिव था, जो इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और पाकिस्तान समेत कई देशों में फैला हुआ था। अमृतसर के होली सिटी, होली एन्क्लेव फेज-I में स्थित हाउस नंबर 33 वाली इस प्रॉपर्टी को सलाया ड्रग ज़ब्ती मामले (RC-26/2020/NIA/DLI) में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 25 (1) के तहत ज़ब्त किया गया है।
NIA ने कहा कि इस प्रॉपर्टी को UAPA एक्ट की धारा 2 (g) (ii) के तहत "आतंकवाद से हुई कमाई" (proceeds of terrorism) के तौर पर ज़ब्त किया गया है।NIA की एक टीम ने कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी और स्थानीय अधिकारियों की मदद से यह ज़ब्ती की कार्रवाई की।NIA ने कहा कि जांच में अंकुश के संबंध "दुबई में रहने वाले एक ऐसे आरोपी से पाए गए जो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन LeT से जुड़ा था।"
एजेंसी के मुताबिक, पिछले साल गिरफ्तार किए गए अंकुश को नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी साजिश का एक बहुत अहम ऑपरेटिव पाया गया। साथ ही, वह अलग-अलग देशों में मौजूद आरोपियों तक आतंकवाद से हुई कमाई को पहुंचाने (मनी लॉन्ड्रिंग) में भी शामिल था।
NIA ने कहा कि जांच में यह भी पता चला है कि नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई का इस्तेमाल एक जटिल और विस्तृत फाइनेंशियल नेटवर्क के ज़रिए भारत में आतंकवादी गतिविधियों को फाइनेंस करने और उन्हें सपोर्ट करने के लिए किया जा रहा था।
आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने पहले अंकुश पर टेरर-फंडिंग गतिविधियों, आपराधिक साजिश और गैर-कानूनी व आतंकवादी नेटवर्क को सपोर्ट करने में उसकी भूमिका के लिए आरोप लगाए थे। इसके अलावा, उस पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत भी अपराधों के आरोप हैं।
इस मामले में अब तक कुल 26 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जांच अभी भी जारी है। NIA ने कहा कि संपत्ति को ज़ब्त करना, भारतीय ज़मीन पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले सभी वित्तीय और लॉजिस्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने और नष्ट करने की उसकी कोशिशों का हिस्सा है।





