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दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से व्यापारियों को भारी नुकसान
Ratna Netam
16 Oct 2026 9:10 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का असर अब प्रमुख बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने का दावा किया जा रहा है। त्योहारी सीजन के बीच सड़कों पर नाकेबंदी, सुरक्षा घेराबंदी और यातायात प्रतिबंधों के कारण व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों का कहना है कि नवरात्रि, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान बाजारों में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के कारण ग्राहक बाजारों में आने से बच रहे हैंव्यापारियों का दावा है कि विरोध-प्रदर्शनों से उनके कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण समय प्रभावित हो रहा है। कई दुकानदार सालभर की कमाई का बड़ा हिस्सा त्योहारी सीजन में होने वाली बिक्री से प्राप्त करते हैं। ऐसे में बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम होने से छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन में कारोबार प्रभावित होने से बढ़ी चिंता
दिल्ली के प्रमुख बाजारों के व्यापारियों ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर तक का समय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में नवरात्रि, धनतेरस, दिवाली और अन्य त्योहारों के कारण खरीदारी बढ़ती है।व्यापारियों के अनुसार, विरोध-प्रदर्शनों के चलते कई प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा प्रतिबंध लगाए गए हैं। इससे ग्राहकों को बाजारों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।कारोबारियों का कहना है कि यदि ऐसी परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो त्योहारी बिक्री पर गंभीर असर पड़ सकता है। खासतौर पर उन छोटे दुकानदारों के लिए परेशानी बढ़ सकती है, जो सीमित पूंजी के साथ अपना व्यवसाय चलाते हैं।
थोक व्यापार केंद्रों पर भी पड़ा असर
दिल्ली के थोक व्यापार केंद्रों में देश के अलग-अलग राज्यों से व्यापारी सामान खरीदने आते हैं। इन बाजारों में स्थानीय ग्राहकों के अलावा बड़ी संख्या में खुदरा दुकानदार भी खरीदारी करते हैं।व्यापारिक संगठनों का दावा है कि प्रदर्शन और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण बाहर से आने वाले खरीदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कुछ व्यापारियों ने बताया कि सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने के कारण सामान की आपूर्ति तथा खरीदारी से संबंधित गतिविधियां बाधित हो रही हैं।
खान मार्केट में करोड़ों के नुकसान का दावा
दिल्ली के खान मार्केट में भी व्यापारियों ने प्रदर्शन के कारण बिक्री प्रभावित होने की शिकायत की है। स्थानीय कारोबारियों ने दावा किया है कि बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की आवाजाही काफी कम हो गई है।व्यापारियों के अनुमान के अनुसार, बाजार को प्रतिदिन लगभग पांच से सात करोड़ रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो रहा है। हालांकि, यह व्यापारियों का अनुमान है और इसकी स्वतंत्र वित्तीय पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन ने उठाया मुद्दा
दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव आशीष ग्रोवर ने बताया कि व्यापारिक संगठनों ने विरोध-प्रदर्शनों के समय और आयोजन स्थल को लेकर औपचारिक रूप से अदालत का दरवाजा खटखटाया है।व्यापारियों की मांग है कि प्रदर्शन आयोजित करने के दौरान व्यावसायिक क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां बाधित नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने से दुकानदारों के साथ कर्मचारियों और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ता है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा व्यापारियों का मामला
दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन और इससे कारोबार प्रभावित होने की आशंका को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान अदालत ने तत्काल कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। व्यापारियों ने कनॉट प्लेस में प्रतिदिन लगभग 200 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान की आशंका जताई है। अदालत में मामले की आगे सुनवाई 26 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
विरोध के अधिकार और कारोबार के बीच संतुलन की मांग
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ व्यापारियों और आम नागरिकों की परेशानियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।कारोबारियों ने प्रशासन से अपील की है कि प्रदर्शन के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।फिलहाल, दिल्ली के व्यापारिक संगठनों की नजर अदालत की अगली सुनवाई और प्रशासन के फैसलों पर बनी हुई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
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