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दिल्ली में TOD परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार उपराज्यपाल ने की प्रगति की समीक्षा
Ratna Netam
14 Oct 2026 6:12 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को समीक्षा बैठक की। इस बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष और डी़डीए तथा नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और शहर की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।उपराज्यपाल ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और निर्माण कार्यों के निर्धारित लक्ष्यों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार ध्यान देना आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों को तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जा सके।
सोशल मीडिया पर साझा की बैठक की जानकारी
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी साझा की।उन्होंने बताया कि डीडीए के उपाध्यक्ष और डीडीए तथा एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट और महत्वपूर्ण शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।उनके अनुसार, समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना और परियोजनाओं के निर्धारित माइलस्टोन का पालन कराना था।बैठक में विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
क्या है ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट योजना?
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट यानी TOD शहरी विकास की ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास आवासीय, व्यावसायिक और अन्य सुविधाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है।इसका उद्देश्य लोगों को अपने घर, कार्यालय, बाजार और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है।दिल्ली में इस नीति के माध्यम से मेट्रो और अन्य प्रमुख परिवहन केंद्रों के आसपास योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने की व्यवस्था की गई है।दिल्ली विकास प्राधिकरण की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, TOD नीति और संबंधित नियमों को 6 अप्रैल 2026 को अधिसूचित किया गया था। इसके तहत इच्छुक डेवलपर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई गई है।
DDA और NBCC की भूमिका महत्वपूर्ण
दिल्ली के शहरी विकास में डीडीए और एनबीसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। डीडीए राजधानी में भूमि नियोजन, आवास और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़ा प्रमुख प्राधिकरण है।वहीं, एनबीसीसी विभिन्न सरकारी निर्माण और पुनर्विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।दिल्ली में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट के अंतर्गत पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा में भी एकीकृत विकास परियोजना तैयार की गई है।एनबीसीसी के प्रकाशित विवरण के अनुसार, ईस्ट दिल्ली हब परियोजना डीडीए द्वारा एनबीसीसी के परामर्श से विकसित की जा रही है।
निर्धारित समयसीमा पर काम पूरा करने पर जोर
समीक्षा बैठक में निर्माण परियोजनाओं के तय लक्ष्यों को विशेष महत्व दिया गया।बड़ी विकास परियोजनाओं में विभिन्न चरणों के लिए निर्धारित लक्ष्य होते हैं। इनमें योजना तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य और अंतिम क्रियान्वयन तक की गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।उपराज्यपाल ने कार्यों को तेजी से पूरा करने और निर्धारित माइलस्टोन का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता बताई।इससे परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और किसी स्तर पर देरी होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
दिल्ली में शहरी विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कई सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय आवश्यक होता है।भूमि, निर्माण, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्य अलग-अलग संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।इसी कारण उपराज्यपाल ने डीडीए और एनबीसीसी के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर जोर दिया।इससे पहले भी उपराज्यपाल दिल्ली की विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर चुके हैं। जून 2026 में उन्होंने डीडीए की बैठक के दौरान यमुना रिवरफ्रंट विकास, जल निकायों के पुनर्जीवन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की थी।
दिल्ली को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य
राजधानी में बढ़ती आबादी और शहरी गतिविधियों के बीच बेहतर परिवहन, आवास और बुनियादी सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण है।TOD जैसी योजनाओं के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं का विस्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।इस प्रकार के विकास से लोगों को परिवहन के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं और लंबी दूरी की दैनिक यात्राओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।बुधवार की बैठक में उपराज्यपाल ने प्रमुख विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने को प्राथमिकता दी। हालांकि, बैठक में किसी विशेष परियोजना के लिए नई समयसीमा या अतिरिक्त बजट घोषित किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।अब डीडीए और एनबीसीसी के बीच समन्वय तथा निर्माण कार्यों की वास्तविक प्रगति पर ध्यान रहेगा।
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