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देश में अब कोई नक्सल प्रभावित जिला नहीं, चाईबासा को भी सूची से हटाया गया

Kavita2
13 Aug 2026 9:54 AM IST
देश में अब कोई नक्सल प्रभावित जिला नहीं, चाईबासा को भी सूची से हटाया गया
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नई दिल्ली। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी उपलब्धि का संकेत देते हुए देश के नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से चाईबासा को भी बाहर कर दिया है। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा को अब नक्सल प्रभाव वाले जिलों की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। इसके साथ ही देश में अब एक भी जिला आधिकारिक रूप से नक्सल प्रभावित जिलों की सूची में नहीं बचा है।

गृह विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चाईबासा समेत देश के किसी भी जिले को अब नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों की सूची में नहीं रखा गया है। यह बदलाव केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों की ओर से लंबे समय से चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों का परिणाम माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय की नौ फरवरी 2026 को जारी रिपोर्ट में चाईबासा को अति नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से हटाकर नक्सल प्रभावित जिलों की श्रेणी में रखा गया था। उस समय जिले में नक्सली गतिविधियों को देखते हुए इसे पूरी तरह संवेदनशील क्षेत्रों से बाहर नहीं किया गया था।

हालांकि अब जारी ताजा रिपोर्ट में स्थिति बदल गई है। गृह मंत्रालय ने चाईबासा को भी नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही देशभर में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या शून्य हो गई है।

झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम जिला लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक माओवादियों के प्रभाव वाला इलाका रहा। यहां समय-समय पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

चाईबासा में नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस ने कई बड़े अभियान चलाए। जंगल क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन, कैंप स्थापना और विकास कार्यों को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद क्षेत्र में नक्सली प्रभाव लगातार कम होता गया।

केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए विशेष रणनीति के तहत काम कर रही है। इसमें सुरक्षा अभियान के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार भी शामिल है। सरकार का मानना है कि विकास कार्यों के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना नक्सलवाद को खत्म करने में अहम भूमिका निभाता है।

गृह मंत्रालय की ओर से नक्सल प्रभावित जिलों की सूची समय-समय पर सुरक्षा स्थिति और जमीनी हालात के आधार पर संशोधित की जाती है। जिन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों में कमी आती है और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, उन्हें धीरे-धीरे संवेदनशील श्रेणी से बाहर किया जाता है।

चाईबासा का सूची से बाहर होना झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में लंबे समय तक नक्सली संगठन सक्रिय रहे हैं और कई इलाकों में विकास कार्य प्रभावित हुए थे। अब जिले को नक्सल प्रभावित श्रेणी से हटाने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों में सकारात्मक संदेश गया है।

हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नक्सल प्रभावित सूची से बाहर होने के बावजूद सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। क्योंकि ऐसे क्षेत्रों में पहले सक्रिय रहे संगठन दोबारा अपनी गतिविधियां शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए सुरक्षा बलों की निगरानी और विकास योजनाओं को लगातार जारी रखना आवश्यक होगा।

केंद्र सरकार की ओर से नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियानों में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। कई राज्यों में नक्सली प्रभाव वाले क्षेत्रों में कमी आई है और हिंसक घटनाओं में भी गिरावट दर्ज की गई है।

देश में अब कोई भी जिला नक्सल प्रभावित जिलों की सूची में नहीं होना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। चाईबासा जैसे लंबे समय तक प्रभावित रहे क्षेत्र का सामान्य स्थिति की ओर लौटना स्थानीय विकास और शांति व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।

आने वाले समय में सरकार की चुनौती इन क्षेत्रों में विकास की गति बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने की होगी, ताकि नक्सलवाद दोबारा पैर न जमा सके।

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