दिल्ली-एनसीआर

उत्तर भारत का मौसम बदलेगा, IMD ने जारी किया अपडेट

Anurag
30 Jun 2026 4:20 PM IST
उत्तर भारत का मौसम बदलेगा, IMD ने जारी किया अपडेट
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New Delhi:भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार देशभर में मानसून की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कई राज्यों के तापमान और मौसम की स्थिति पर देखने को मिल रहा है। मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत सहित कई हिस्सों में भीषण गर्मी से राहत मिलने लगी है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

अगर कल के मौसम की बात करें तो पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलता हुआ नजर आएगा। उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने से पंजाब और राजस्थान में पिछले कई दिनों से जारी गर्मी और उमस में राहत मिलने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को काफी सुकून मिलेगा। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
राजस्थान में मानसून की ट्रफ लाइन सक्रिय होने के कारण पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। कई जिलों में झमाझम बारिश की स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। लगातार बारिश से मौसम सुहावना बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
वहीं महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। कोंकण, गोवा और मुंबई समेत तटीय क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार यहां तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके चलते राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम ठंडा और सुहावना रहेगा। कई स्थानों पर रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत जैसे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में आगामी दिनों में तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में देशभर में मौसम का पैटर्न लगातार बदलता रहेगा। कहीं बारिश बढ़ेगी तो कहीं तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। मानसून की यह सक्रियता कृषि कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती है।
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