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आज से केंद्रीय मंत्रियों का महामंथन दो दिन चलेगी चिंतन बैठक

nidhi
23 Sept 2026 7:59 AM IST
आज से केंद्रीय मंत्रियों का महामंथन दो दिन चलेगी चिंतन बैठक
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सुधारों और नीतियों पर मंथन करेंगे केंद्रीय मंत्री
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कामकाज, भविष्य की नीतियों और अगले दौर के सुधारों को लेकर बुधवार से दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 और 24 सितंबर को होने वाली इस बैठक में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य शामिल होंगे। बैठक में सरकार के अब तक के कामकाज की समीक्षा के साथ ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई प्राथमिकताओं और सुधारों पर मंथन किया जाएगा।
चिंतन शिविर का आयोजन दिल्ली के ‘सेवा तीर्थ’ में किया जाएगा। पहले दिन बैठक शाम करीब चार बजे शुरू होगी, जबकि गुरुवार को पूरे दिन अलग-अलग विषयों पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी दोनों दिन बैठक में मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्रियों की ओर से भी विभिन्न विषयों पर अपनी बात और सुझाव रखे जाने की संभावना है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में चल रहे कामों की प्रगति का आकलन करना और आगे की रणनीति तैयार करना है। सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने, मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय, आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच और नीतियों के क्रियान्वयन जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। इसके साथ ही ईज ऑफ लिविंग और अनावश्यक अनुपालनों को कम करने से जुड़े सुधारों पर भी विचार किया जाएगा।
विकसित भारत@2047’ को लेकर सरकार की यह प्रक्रिया वर्ष 2021 से चल रही है। इसके तहत विजन@2047 और उससे जुड़े अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्रीय समूह गठित किए गए थे। विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया है। अब चिंतन शिविर में मंत्रालयों, विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के स्तर पर किए जा रहे कार्यों को एक साथ रखते हुए आगे की दिशा पर चर्चा होगी।
बैठक में सरकार की मौजूदा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और भविष्य में किए जाने वाले संभावित सुधारों पर भी फोकस रहेगा। मंत्रियों से ऐसे नए विचार सामने रखने की अपेक्षा की गई है जो शासन व्यवस्था और नीति निर्माण को बेहतर बनाने में उपयोगी हो सकते हैं। यह मंथन केवल दो दिनों तक सीमित नहीं रहने वाला है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में भी इस तरह की चर्चाओं के और दौर आयोजित किए जाएंगे। इन बैठकों के जरिए सरकार अपने कामकाज की समीक्षा के साथ 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जुड़ी नीतियों, सुधारों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर विचार करेगी।
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