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IPO में निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, लखनऊ STF ने आरोपी को दबोचा

nidhi
23 Sept 2026 7:27 AM IST
IPO में निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, लखनऊ STF ने आरोपी को दबोचा
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करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर ठगी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि संबंधित गिरोह लोगों को IPO में निवेश और अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। गिरोह पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को साइबर अपराध में सक्रिय गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। जांच के दौरान टीम ने संदिग्ध बैंक खातों और उनसे जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटाई। इसी आधार पर एक आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। अब एसटीएफ उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
बताया जा रहा है कि गिरोह लोगों को शेयर बाजार और IPO में निवेश के जरिए कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देता था। इसके लिए सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। लोगों का भरोसा जीतने के बाद उन्हें निवेश के नाम पर रकम जमा करने के लिए कहा जाता था। आरोप है कि शुरुआत में पीड़ितों को निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद धीरे-धीरे उनसे बड़ी रकम जमा कराई जाती थी। जब पीड़ित अपनी रकम या कथित मुनाफा निकालने की कोशिश करते तो उन्हें अलग-अलग कारण बताकर अतिरिक्त भुगतान करने के लिए कहा जाता। इस तरह ठगी की रकम बढ़ती चली जाती थी।
एसटीएफ की जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में भेजी गई और बाद में उसे कहां ट्रांसफर किया गया। आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से मिलने वाली जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील करती रही है। किसी भी IPO या शेयर बाजार निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच करना जरूरी है। अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाले ज्यादा मुनाफे के प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर करना नुकसानदायक हो सकता है।
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