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PM मोदी से तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

Gulabi Jagat
27 May 2026 6:36 PM IST
PM मोदी से तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
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New Delhi: New Delhi में M. K. Stalin (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री) ने आज प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। इस महीने की शुरुआत में सत्ता संभालने के बाद यह उनकी राष्ट्रीय राजधानी की पहली आधिकारिक यात्रा थी। करीब 20 मिनट चली इस बैठक को राज्य और केंद्र के बीच संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने रखा और उन पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बातचीत की शुरुआत में हाल ही में नीदरलैंड से प्राचीन तांबे की प्लेटें भारत वापस लाने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री के प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने राज्य के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक कावेरी जल विवाद और मेकेदातु परियोजना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की ओर से मेकेदातु में बांध बनाने की किसी भी एकतरफा पहल से तमिलनाडु के निचले इलाकों में जल उपलब्धता पर गंभीर असर पड़ेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय के पहले से दिए गए फैसलों की भावना के खिलाफ होगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि जल शक्ति मंत्रालय को निर्देश दिया जाए कि मेकेदातु बांध परियोजना को किसी भी तरह की अनुमति न दी जाए, जब तक सभी संबंधित पक्षों के बीच सहमति न बन जाए और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन न हो।

इस बैठक में राज्य के सांस्कृतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से यह अनुरोध किया कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में राज्य गीत बजाने की अनुमति दी जाए। यह मुद्दा हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी उस आदेश से जुड़ा हुआ है, जिसमें कहा गया था कि जब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान एक साथ बजाए जाएं, तो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पदों का गायन किया जाए। तमिलनाडु सरकार इस संदर्भ में राज्य गीत को सम्मान देने की मांग कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण समारोह का भी उल्लेख किया, जिसमें ‘वंदे मातरम’ पूरे स्वरूप में गाया गया था, जिसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और राज्य गीत ‘तमिल थाई वाज़थु’ प्रस्तुत किया गया था। उनका कहना था कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान मिलना चाहिए और इसे राष्ट्रीय प्रक्रियाओं के साथ संतुलित रूप में लागू किया जाना चाहिए।इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से एक और महत्वपूर्ण अनुरोध किया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के ‘सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स’ को दक्षिण भारत में, विशेषकर तमिलनाडु में स्थापित किया जाए। उनका कहना था कि इससे राज्य में तकनीकी विकास, रोजगार और रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।

मेकेदातु परियोजना को लेकर हाल के दिनों में कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही इस परियोजना की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र को सौंपेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि तमिलनाडु को इस परियोजना का विरोध करने का अधिकार नहीं है, जिससे दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ गया।

तमिलनाडु सरकार का कहना है कि कावेरी जल एक संवेदनशील मुद्दा है और किसी भी नए बांध या परियोजना से पहले सभी कानूनी और जल बंटवारे से जुड़े प्रावधानों का पालन जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर केंद्र की मध्यस्थता की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात राज्य और केंद्र के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, हालांकि जल विवाद और सांस्कृतिक मुद्दों पर मतभेद अभी भी बरकरार हैं।

मुख्यमंत्री M. K. Stalin, जो तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के प्रमुख भी बताए जाते हैं, ने हाल ही में विधानसभा में बहुमत हासिल किया है और उनकी सरकार को कई दलों का समर्थन प्राप्त हुआ है। राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में आने के बाद यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कुल मिलाकर यह बैठक तमिलनाडु के जल विवाद, सांस्कृतिक पहचान और विकास परियोजनाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।

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