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अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन दोषी करार, साजिश के आरोप से कोर्ट ने किया बरी

Gulabi Jagat
13 July 2026 7:39 PM IST
अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन दोषी करार, साजिश के आरोप से कोर्ट ने किया बरी
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Delhi: दिल्ली के साल 2020 दंगा मामले में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या मामले में दोषी करार दिया है। हालांकि, कोर्ट ने उनके खिलाफ लगाए गए आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) के आरोप को खारिज कर दिया।

इस मामले में कुल 11 आरोपी थे, जिनमें से अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। ताहिर हुसैन भी उन दोषियों में शामिल हैं। कोर्ट ने अन्य आरोपियों के खिलाफ भी फैसला सुनाया है। सजा की अवधि पर अदालत बाद में फैसला करेगी।

फरवरी 2020 में हुई थी अंकित शर्मा की हत्या

आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हुई थी। दंगों के बाद उनका शव एक नाले से बरामद किया गया था। इस मामले में अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के आधार पर दयालपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि अंकित शर्मा के शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान थे। रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर पर धारदार हथियार समेत अन्य हमलों से जुड़े 51 चोटों के निशान पाए गए थे।

कई धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हत्या, दंगा, अपहरण, सबूत मिटाने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने समेत भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

अदालत ने दोषियों को हत्या, अपहरण, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से जुड़े आरोपों में आईपीसी की धाराओं 302, 365, 188, 153A, 147, 148 और 149 के तहत दोषी ठहराया है।

दिल्ली दंगा मामले में अहम फैसला

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा भड़क गई थी। देखते ही देखते यह हिंसा बड़े दंगे में बदल गई थी। इस दौरान कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसक घटनाएं हुई थीं।

इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत का यह फैसला 2020 दिल्ली दंगा मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।

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