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स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल FSSAI की भूमिका पर उठे सवाल

nidhi
14 Aug 2026 8:05 AM IST
स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल FSSAI की भूमिका पर उठे सवाल
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FSSAI पर सुप्रीम कोर्ट सख्त कॉरपोरेट दबाव में काम करने पर उठाए सवाल
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को लेकर सख्त टिप्पणी की है। पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल लगाने के मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि क्या खाद्य नियामक कॉरपोरेट दबाव के आगे झुक रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार और FSSAI की प्राथमिकता कंपनियों का हित नहीं बल्कि देश के नागरिकों का स्वास्थ्य होना चाहिए।
मामला पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट ऑफ पैक वार्निंग लेबल (Front-of-Pack Warning Labels) लगाने से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट चाहता है कि जिन खाद्य पदार्थों में शुगर, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा है, उनकी जानकारी पैकेट के सामने स्पष्ट रूप से दी जाए, ताकि उपभोक्ता खरीदारी से पहले बेहतर फैसला ले सकें।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने FSSAI से पूछा कि क्या वह खाद्य कंपनियों के दबाव में काम कर रहा है। अदालत ने कहा कि यह मामला किसी एक उत्पाद या कंपनी के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोगों को यह जानकारी देने के लिए है कि वे क्या खा रहे हैं।
कोर्ट ने विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। पीठ ने कहा कि बढ़ती उम्र के बच्चों को अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जागरूक करना जरूरी है। अदालत ने कहा कि चेतावनी लेबल का उद्देश्य किसी उत्पाद पर रोक लगाना नहीं बल्कि उपभोक्ताओं को जानकारी देना है।
केंद्र सरकार की ओर से दलील दी गई कि भारत में पारंपरिक खाद्य पदार्थों की स्थिति अलग है और अंतरराष्ट्रीय मानकों को सीधे लागू करने से कई भारतीय खाद्य पदार्थ भी चेतावनी श्रेणी में आ सकते हैं। सरकार ने छोटे कारोबारियों और पारंपरिक खाद्य उद्योग पर असर पड़ने की आशंका भी जताई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। अदालत ने केंद्र और FSSAI को इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने संकेत दिया कि अगर सरकार कदम नहीं उठाती है तो वह खुद दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
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