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सुप्रीम कोर्ट कांड: दो लॉ छात्रों की हिरासत बढ़ी

Saba Naaz
16 July 2026 6:55 PM IST
सुप्रीम कोर्ट कांड: दो लॉ छात्रों की हिरासत बढ़ी
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने और न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो कानून छात्रों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान को 29 जुलाई तक जेल भेजने का आदेश दिया है। दोनों छात्रों पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अनुशासन तोड़ने, न्यायाधीशों के सामने फाइलें फेंकने और सुरक्षाकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों की दो दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत के सामने मामले की जांच से जुड़ी जानकारी रखी और आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की। इसके बाद अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।

दिल्ली पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों के काम में रुकावट पैदा करने, सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की करने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट परिसर में इस तरह का व्यवहार न्यायिक व्यवस्था की गरिमा को प्रभावित करता है और इसे गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी जुटाई है। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील होती है और वहां किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान दोनों छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में व्यवधान डालने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने न्यायाधीशों के सामने फाइलें फेंकी और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ भी गलत व्यवहार किया। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें काबू में लिया और पुलिस को सौंप दिया।

इस घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। सुप्रीम कोर्ट जैसे देश के सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। न्यायिक कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि अदालतों में अनुशासन और सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। न्यायालय की कार्यवाही में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने एक बार फिर अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन की अहमियत को सामने ला दिया है। न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए अदालतों में आने वाले हर व्यक्ति से नियमों और मर्यादा का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। अब सभी की नजरें इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई और जांच की प्रगति पर टिकी हुई हैं।

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