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सुकेश की केजरीवाल-जैन को चिट्ठी, 3 और ‘घोटालों’ के खुलासे का दावा

Kavita2
20 Aug 2026 3:57 PM IST
सुकेश की केजरीवाल-जैन को चिट्ठी, 3 और ‘घोटालों’ के खुलासे का दावा
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नई दिल्ली। 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने गुरुवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को पत्र लिखकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। सुकेश ने अपने पत्र में दावा किया कि वह दिल्ली की पिछली सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के तीन और मामलों का खुलासा करने वाला है। हालांकि, पत्र में किए गए आरोप सुकेश के दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।

सुकेश ने अपने पत्र में केजरीवाल और सत्येंद्र जैन को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसके कथित खुलासों की दिशा में यह एक और कदम है। उसने दावा किया कि 2021-22 के दौरान हुए कथित घोटालों के बारे में उसके पहले के दावे सही साबित हुए हैं और अब दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मामले की बारी है।

‘जल बोर्ड’ के बाद तीन और विभागों का दावा

सुकेश चंद्रशेखर ने पत्र में आरोप लगाया कि कथित आबकारी नीति मामले के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा सामने आएगा। इसके साथ ही उसने तीन अन्य महत्वपूर्ण विभागों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा करने की बात कही।

उसने अपने पत्र में आम आदमी पार्टी के नाम को लेकर भी तंज कसा और पार्टी के लिए एक आपत्तिजनक नया संक्षिप्त रूप इस्तेमाल किया। सुकेश ने दावा किया कि आने वाले समय में इन कथित मामलों के सामने आने से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचेगा।

हालांकि, पत्र में जिन तीन अन्य विभागों या कथित घोटालों का उल्लेख किया गया है, उनके बारे में सुकेश ने फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि वह किन मामलों की ओर संकेत कर रहा है और उसके पास उनसे संबंधित क्या सामग्री है।

पहले भी पत्रों के जरिए लगाता रहा है आरोप

सुकेश चंद्रशेखर पहले भी राजनीतिक नेताओं को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाता रहा है। जेल से भेजे गए उसके कई पत्रों के कारण समय-समय पर दिल्ली की राजनीति में विवाद खड़ा हुआ है।

सुकेश ने पूर्व में भी आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार और कथित आर्थिक लेनदेन को लेकर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं ने उसके आरोपों को खारिज किया है और उस पर राजनीतिक मकसद से बयान देने का आरोप लगाया है।

इस बार भी पत्र सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसके संभावित असर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद

सुकेश चंद्रशेखर 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी से जुड़े मामले में जेल में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच की है। जांच एजेंसी के अनुसार, सुकेश पर जेल में बंद रहते हुए एक कारोबारी परिवार से कथित तौर पर बड़ी रकम ठगने का आरोप है।

मामले में कई लोगों से पूछताछ और जांच के बाद आर्थिक लेनदेन की विभिन्न कड़ियों की जांच की गई। सुकेश के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।

इसी मामले के दौरान सुकेश के नाम से सामने आए कई पत्रों में दिल्ली की राजनीति से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, उसके आरोपों और दावों को संबंधित जांच एजेंसियों या अदालत के अंतिम निष्कर्ष के बराबर नहीं माना जा सकता।

आबकारी नीति मामले का भी जिक्र

अपने ताजा पत्र में सुकेश ने दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की आबकारी नीति को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों ने जांच की थी। इस मामले में कई नेताओं और कारोबारियों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस मामले में गिरफ्तार किए गए थे। बाद में उन्हें अदालत से राहत मिली। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी लगातार इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं।

सुकेश ने अपने पत्र में इसी मामले को आधार बनाते हुए दावा किया कि अब वह दिल्ली जल बोर्ड और अन्य विभागों से जुड़े कथित मामलों को सामने लाएगा।

राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार

सुकेश का ताजा पत्र ऐसे समय आया है जब दिल्ली की राजनीति में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे में उसके नए दावे एक बार फिर सियासी बयानबाजी को हवा दे सकते हैं।

हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि सुकेश खुद एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी और जेल में बंद व्यक्ति है। इसलिए उसके पत्र में किए गए आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र जांच या न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होना जरूरी है।

केजरीवाल और जैन की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार

ताजा पत्र में लगाए गए आरोपों पर अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। आम आदमी पार्टी पहले भी सुकेश के आरोपों को खारिज करती रही है।

फिलहाल सुकेश ने जिन तीन कथित घोटालों का संकेत दिया है, उनके बारे में कोई विस्तृत दस्तावेज या ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि वह कोई दस्तावेज या अन्य सामग्री सामने लाता है तो उसकी सत्यता और प्रमाणिकता की जांच महत्वपूर्ण होगी।

सुकेश की चिट्ठी ने फिलहाल दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है। उसके दावों के मुताबिक, आने वाले समय में दिल्ली जल बोर्ड के बाद तीन अन्य विभागों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले सामने आ सकते हैं। अब निगाह इस बात पर है कि वह अपने दावों के समर्थन में क्या सामग्री पेश करता है और संबंधित पक्ष इन आरोपों पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।

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