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Yamunapar में बेसहारा गोवंश का आतंक, पार्षद पर हमला; सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

Kavita2
27 Jun 2026 11:26 AM IST
Yamunapar में बेसहारा गोवंश का आतंक, पार्षद पर हमला; सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
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Delhi दिल्ली: यमुनापार क्षेत्र की सड़कों पर बेसहारा गोवंश की बढ़ती मौजूदगी स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़कों पर झुंड बनाकर घूम रहे ये गोवंश न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि कई बार अचानक आक्रामक होकर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आए दिन दोपहिया वाहन सवार और पैदल यात्री इन गोवंश के कारण हादसों का शिकार हो रहे हैं। कई स्थानों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोग शाम के समय सड़कों पर निकलने से भी बचने लगे हैं।

इसी बीच बीते बुधवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जिसमें मंडावली वार्ड की पार्षद शशि चांदना पर गोवंश ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि वह अपने कार्यालय जाने के दौरान श्रीराम चौक के पास पहुंची थीं, तभी अचानक एक गोवंश ने उन पर हमला कर दिया।

इस हमले में पार्षद शशि चांदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत पर निगरानी रखी जा रही है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यमुनापार की कई सड़कों पर बेसहारा गोवंश का जमावड़ा आम बात हो गई है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि सुबह और शाम के समय सड़कों पर इन गोवंश की संख्या और बढ़ जाती है, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, शहरों में बेसहारा पशुओं की समस्या केवल यातायात ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का भी बड़ा मुद्दा बन चुकी है। यदि समय रहते इनका उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में भेजा जाए और नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पार्षद पर हुए हमले ने इस समस्या को और गंभीरता से उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, यमुनापार में बेसहारा गोवंश की समस्या अब एक बड़े सार्वजनिक सुरक्षा संकट का रूप ले चुकी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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