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IMD का पूर्वानुमान: 1 जुलाई के बाद देश में बढ़ेगी मानसूनी बारिश

Delhi दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हालिया एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट के अनुसार, देश में 1 जुलाई के बाद मानसूनी बारिश में एक बार फिर तेजी आने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले महीने की शुरुआत से अधिक सक्रिय हो जाएगा, जिससे देश के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ेगा और जुलाई की शुरुआत के साथ बारिश की तीव्रता में सुधार दर्ज किया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह बदलाव देश के कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि मानसून की सक्रियता खेती-बाड़ी की गतिविधियों पर सीधा असर डालती है।
लंबी अवधि के पूर्वानुमान में यह भी बताया गया है कि 25 जून से 1 जुलाई के बीच देश के अधिकतर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, इस अवधि में स्थिति पूरे देश में एक जैसी नहीं रहेगी।
IMD के मुताबिक, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में इस दौरान बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में मानसून की गतिविधि अपेक्षाकृत बेहतर बनी रह सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में अस्थायी कमी देखने को मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस शुरुआती उतार-चढ़ाव का पैटर्न सामान्य है, जिसमें कुछ समय के लिए बारिश की रफ्तार धीमी पड़ती है और फिर सिस्टम के मजबूत होने पर वर्षा में तेजी आ जाती है।
1 जुलाई के बाद मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई राज्यों में बारिश की मात्रा में वृद्धि हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई की शुरुआत में मानसून की मजबूती खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पर्याप्त बारिश होने पर खेतों में नमी बढ़ती है और कृषि कार्यों में तेजी आती है।
IMD लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय स्तर पर बारिश के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान से यह स्पष्ट होता है कि देश में मानसून अभी शुरुआती चरण में है और जुलाई की शुरुआत के साथ इसकी रफ्तार बढ़ने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में सामान्य वर्षा की स्थिति बहाल हो सकती है।





