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2029 Election को लेकर रणनीति तेज

Kanchan Paikara
1 July 2026 5:35 PM IST
2029 Election को लेकर रणनीति तेज
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New Delhi। नई दिल्ली :भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बड़े बदलावों की आहट दिखाई दे रही है। पार्टी के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कमान संभालने वाले नितिन नवीन ने संगठन के भीतर सख्त रुख अपनाते हुए कामकाज को नए ढांचे में ढालना शुरू कर दिया है। शीर्ष नेतृत्व द्वारा सौंपे गए दायित्वों के बाद अब उनका पूरा फोकस आगामी विधानसभा चुनावों और ‘मिशन 2029’ लोकसभा चुनाव पर केंद्रित है।

सूत्रों के अनुसार, जेपी नड्डा के बाद संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन का लक्ष्य पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना है। इसके लिए उन्होंने पारंपरिक नारे ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ को डिजिटल तकनीक और युवा ऊर्जा के साथ नए रूप में लागू करने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि यह रणनीति पार्टी को आने वाले चुनावों में नई गति दे सकती है।
नितिन नवीन का ध्यान फिलहाल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों पर है। इन राज्यों को देखते हुए संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन चुनावों के परिणाम 2029 की बड़ी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
नितिन नवीन का राजनीतिक अनुभव भी इस रणनीति की मजबूती का आधार माना जा रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रहते हुए उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर गहरा अनुभव हासिल किया है और बिहार में लंबे समय तक जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई है। इसी अनुभव के आधार पर उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने सबसे पहले परफॉर्मेंस-बेस्ड सिस्टम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत अब कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मूल्यांकन उनके काम के आधार पर किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि संगठन में अब केवल सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ही आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि केवल बैठकों और औपचारिक राजनीति तक सीमित रहने वाले नेताओं की जगह अब उन लोगों को मौका मिलेगा जो लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। इसी के तहत राज्यों के प्रभारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं और निष्क्रिय पदाधिकारियों की सूची तैयार करने का काम भी चल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बीजेपी के भीतर एक बड़े जेनरेशनल शिफ्ट की शुरुआत हो सकता है। डिजिटल रणनीति, युवा नेतृत्व और प्रदर्शन आधारित व्यवस्था के साथ पार्टी आने वाले वर्षों में एक नए स्वरूप में नजर आ सकती है।
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