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INDIA गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनिया गांधी की कुर्सी ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हाल के दिनों में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद बुधवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई थी। बैठक कक्ष में नेताओं के बैठने के लिए एक बड़ी आयताकार मेज के चारों ओर सीटें तय की गई थीं। तस्वीरों में सभी नेता निर्धारित स्थान पर बैठे नजर आए। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक के बाद विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए भी पहले से मंच और बैठने की व्यवस्था की गई थी। नेताओं के सामने उनकी पहचान के लिए नाम वाली पर्चियां या नेम प्लेट रखी गई थीं। लेकिन जब नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पहुंचे तो एक बात ने लोगों का ध्यान खींचा। सोनिया गांधी के लिए अलग से तय कुर्सी दिखाई नहीं दी। इसी घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं।
सोनिया गांधी इसके बाद ममता बनर्जी के पास बैठ गईं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भी देखने को मिली। ममता बनर्जी जब अपनी बात रख रही थीं तो सोनिया गांधी ने कई मौकों पर उनका समर्थन किया। एक क्षण ऐसा भी आया जब सोनिया गांधी ने मेज थपथपाकर ममता की बात का समर्थन किया और बाद में उनकी पीठ थपथपाई। यह दृश्य बैठक के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हुई क्योंकि पश्चिम बंगाल की राजनीति में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस कई बार आमने-सामने रही हैं। राज्य स्तर पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग और SIR जैसे मुद्दों पर दोनों नेता एक मंच पर दिखाई दिए।
INDIA गठबंधन की बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और विपक्ष की आगामी रणनीति था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची से जुड़ी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने संयुक्त राजनीतिक कार्यक्रमों की भी घोषणा की। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चलाने तथा मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही। बैठक में कई दलों ने इस मुद्दे को केवल किसी एक राज्य या पार्टी का मामला न मानकर राष्ट्रीय स्तर का विषय बताया।
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और विपक्ष की ओर से आंदोलन जारी रखने की बात कही। राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर जवाबदेही की मांग की। ये विपक्षी नेताओं के आरोप और राजनीतिक दावे हैं, जिनका चुनाव आयोग और भाजपा विरोध करते रहे हैं।
इस बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच दिखी सहजता राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। ममता के भाषण के दौरान सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया को विपक्षी एकता के संकेत के रूप में देखा गया, हालांकि किसी एक सार्वजनिक दृश्य के आधार पर दोनों दलों के भविष्य के चुनावी संबंधों को लेकर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बैठक में सभी विपक्षी दल मौजूद भी नहीं थे। आम आदमी पार्टी और डीएमके इस बैठक से दूर रहे, जबकि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए। उनकी पार्टी की ओर से प्रतिनिधित्व किया गया। इसके बावजूद बैठक में करीब 20 विपक्षी दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी की खबर सामने आई।
बैठक की तस्वीरों में राहुल गांधी, खरगे, सोनिया गांधी और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं को एक साथ चर्चा करते देखा गया। राहुल गांधी ने गठबंधन के घटक दलों के बीच राज्य स्तर के मतभेदों के बावजूद चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दे पर साथ आने की जरूरत पर जोर दिया। ममता बनर्जी ने भी गठबंधन से बाहर के सामाजिक और नागरिक संगठनों तक आंदोलन का दायरा बढ़ाने की बात कही।
हालांकि पूरे राजनीतिक विमर्श के बीच सोनिया गांधी की कुर्सी से जुड़ा छोटा सा घटनाक्रम सबसे ज्यादा वायरल हुआ। बैठक के अंदर हर नेता की सीट व्यवस्थित थी, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी अलग कुर्सी न होने के बाद वह ममता बनर्जी के पास बैठ गईं। इसके बाद दोनों की बातचीत, मुस्कुराहट और एक-दूसरे के प्रति सहजता कैमरों में कैद हो गई।
राजनीतिक बैठकों में बैठने की व्यवस्था सामान्य तौर पर पहले से तय होती है और वरिष्ठ नेताओं के लिए स्थान निर्धारित किए जाते हैं। ऐसे में सोनिया गांधी के लिए अलग कुर्सी दिखाई न देना और फिर उनका ममता के पास बैठना स्वाभाविक रूप से लोगों की नजर में आ गया। हालांकि इसे लेकर कांग्रेस या INDIA गठबंधन की ओर से किसी विवाद या नाराजगी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस बैठक ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के साथ विपक्षी दलों के बीच आपसी तालमेल को भी चर्चा में ला दिया है। एक तरफ विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर संयुक्त राजनीतिक लड़ाई का ऐलान किया, वहीं दूसरी तरफ सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच दिखी गर्मजोशी ने बैठक की तस्वीरों को अलग राजनीतिक अर्थ भी दिए।
फिलहाल INDIA गठबंधन का घोषित फोकस चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाने पर है। लेकिन बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनिया गांधी की सीट और ममता बनर्जी के पास बैठने का दृश्य इस राजनीतिक बैठक का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला गैर-औपचारिक क्षण बन गया।





