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गाजा मुद्दे पर सोनिया गांधी का केंद्र पर सवाल, BJP ने लगाया गुमराह करने का आरोप

Delhi दिल्ली: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने गाजा मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। एक अखबार में प्रकाशित अपने लेख में उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अपनी पारंपरिक विदेश नीति की तुलना में इजरायल के साथ अपने संबंधों को अधिक प्राथमिकता दे रहा है। इस बयान के बाद देश की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है।
सोनिया गांधी ने अपने लेख में कहा कि भारत हमेशा से फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के समर्थन में खड़ा रहा है, लेकिन मौजूदा नीति में इस रुख में बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने गाजा को लेकर भारत की नीति को देश की व्यापक विदेश नीति सोच से जोड़ते हुए इस पर पुनर्विचार की जरूरत बताई।
उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने सोनिया गांधी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुद्दा विदेश नीति का नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ और वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित बयान है।
BJP नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार की विदेश नीति संतुलित और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है, जिसमें सभी देशों के साथ संबंधों को रणनीतिक दृष्टि से देखा जाता है। पार्टी ने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर गलत व्याख्या करना उचित नहीं है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजा क्षेत्र में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। 2023 में इजरायल के बॉर्डर क्षेत्रों में हमास के हमलों में एक हजार से अधिक लोगों की मौत के बाद से स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद इजरायल की सैन्य कार्रवाई और जमीनी हमलों से गाजा में व्यापक तबाही हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत की भूमिका और उसकी विदेश नीति पर देश के भीतर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर रहा है, जबकि सरकार अपने रुख को राष्ट्रीय हितों के अनुरूप बता रही है।
कुल मिलाकर, गाजा मुद्दे पर सोनिया गांधी के बयान ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति और राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर सियासी टकराव को बढ़ा दिया है।





