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INDIA बैठक में सोनिया-ममता की नजदीकी चर्चा में

Kavita2
1 Oct 2026 11:22 AM IST
INDIA बैठक में सोनिया-ममता की नजदीकी चर्चा में
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नई दिल्ली। INDIA गठबंधन की बुधवार को हुई बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी तथा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के बीच खास गर्मजोशी देखने को मिली। बैठक के दौरान दोनों नेता एक-दूसरे के बेहद करीब बैठीं और कई मौकों पर एक-दूसरे का समर्थन करती नजर आईं। बैठक के बाद ममता बनर्जी का एक बयान भी चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को भविष्य में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने से जुड़े सवाल पर सीधा जवाब देने से बचते हुए रिपोर्टर को ही पलटकर जवाब दे दिया।

बुधवार की बैठक मुख्य रूप से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और विपक्ष की आगे की रणनीति को लेकर बुलाई गई थी। इसमें कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन और विरोध कार्यक्रम चलाने की घोषणा की।

इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच दिखी नजदीकी की हुई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममता बनर्जी अपनी बात रख रही थीं, तब सोनिया गांधी उनके बगल में बैठी थीं। ममता ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही तो सोनिया गांधी ने सिर हिलाकर और मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया। बाद में दोनों नेताओं के बीच हल्की मुस्कान और पीठ थपथपाने जैसे दृश्य भी सामने आए।

खबरें यह भी सामने आईं कि सोनिया गांधी को बैठक में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया था। हालांकि इस संबंध में कांग्रेस या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है। इसलिए इसे सूत्रों पर आधारित जानकारी के तौर पर ही देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हाल के महीनों में संवाद बढ़ा है। जून में ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से 10 जनपथ स्थित उनके आवास पर मुलाकात भी की थी। इसके बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में INDIA गठबंधन की बैठक बुलाने को लेकर भी ममता ने कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क किया था। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने राहुल गांधी को संदेश भेजकर विपक्षी दलों की बैठक बुलाने की जरूरत बताई थी।

बुधवार की बैठक से पहले भी ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों को एकजुट होने की जरूरत बताई थी। वह दिल्ली पहुंचने के बाद भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधती नजर आईं। बैठक में भी उन्होंने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए और विपक्षी दलों से संयुक्त अभियान चलाने की बात कही।

बैठक के बाद राजनीतिक चर्चा तब और बढ़ गई, जब ममता बनर्जी से पूछा गया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी क्या विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इस सवाल पर ममता ने कोई स्पष्ट समर्थन या विरोध नहीं जताया। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने रिपोर्टर से कहा, “आप होंगे, आप।” इसके बाद वह आगे बढ़ गईं।

उनके इस जवाब को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरीके से देखा जा रहा है। कुछ लोग इसे सवाल टालने वाला जवाब मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे INDIA गठबंधन में भविष्य के नेतृत्व को लेकर बनी अस्पष्टता से जोड़ रहे हैं। हालांकि ममता बनर्जी ने खुद राहुल गांधी की संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवारी पर कोई स्पष्ट राजनीतिक रुख घोषित नहीं किया है।

वहीं भाजपा ने भी INDIA गठबंधन की इस बैठक पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने बैठक में कुछ प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष में नेतृत्व को लेकर सहमति नहीं है। भाजपा की ओर से राहुल गांधी को विपक्ष का सर्वमान्य चेहरा नहीं माने जाने का राजनीतिक दावा भी किया गया। यह भाजपा का राजनीतिक आरोप है।

दूसरी ओर INDIA गठबंधन के नेताओं ने बैठक में एकजुटता पर जोर दिया। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर मिलकर लड़ने की बात कही। ममता बनर्जी ने भी गठबंधन से बाहर मौजूद संगठनों, नागरिक समाज, युवाओं और महिलाओं तक आंदोलन का दायरा बढ़ाने की बात रखी।

बैठक के बाद तय किया गया कि विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त विरोध कार्यक्रम करेगा। विपक्षी दलों ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालने और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली करने की घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद विपक्ष की साझा रणनीति की जानकारी दी।

बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ कई मांगें भी उठाई गईं। इनमें मतदाता सूची में पारदर्शिता, नाम हटाने से पहले नोटिस और अपील का अधिकार तथा SIR प्रक्रिया की समीक्षा जैसे मुद्दे शामिल रहे। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की नजदीकी इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले वर्षों में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच कई बार तनाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में दोनों पार्टियां एक-दूसरे की प्रतिद्वंद्वी भी रही हैं। इसके बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर दोनों दल INDIA गठबंधन के मंच पर साथ नजर आ रहे हैं।

सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच बुधवार को दिखी गर्मजोशी ने विपक्षी एकता का संदेश देने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी की प्रधानमंत्री पद की संभावित उम्मीदवारी पर ममता का अस्पष्ट जवाब यह भी बताता है कि भविष्य के नेतृत्व के सवाल पर अभी कोई औपचारिक सहमति सामने नहीं आई है।

फिलहाल INDIA गठबंधन का मुख्य फोकस चुनाव आयोग और SIR को लेकर संयुक्त राजनीतिक अभियान पर है। प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन होगा, इस पर गठबंधन ने अभी कोई निर्णय घोषित नहीं किया है। ममता बनर्जी के वायरल जवाब के बाद यह सवाल एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में जरूर आ गया है।

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