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SIR आदेश और फॉर्म 6: ECI ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

Tara Tandi
27 Oct 2026 1:45 PM IST
SIR आदेश और फॉर्म 6: ECI ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी
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नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए निर्धारित फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग ने इस दावे को खारिज कर दिया कि उसने 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के लिए जारी अपने आदेशों के जरिए फॉर्म 6 में संशोधन किया है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक जवाबी हलफनामे में, ECI ने कहा कि यह आरोप भ्रामक है कि उसने 24 जून 2025, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 के SIR आदेशों के माध्यम से फॉर्म 6 में संशोधन किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR आदेशों के तहत मांगी गई घोषणा (declaration) एक अलग दस्तावेज है, न कि फॉर्म 6 का हिस्सा। फॉर्म 6 में केवल केंद्र सरकार ही संशोधन कर सकती है।
हलफनामे में कहा गया है, "प्रतिवादी (ECI) याचिकाकर्ता के इस भ्रामक दावे को पूरी तरह खारिज करता है कि 'निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960' (Registration of Electors Rules, 1960) में दिए गए फॉर्म 6 में निर्वाचन आयोग ने कोई संशोधन किया है।"
ECI ने बताया कि फॉर्म 6 के साथ संलग्न घोषणा में एक 'मैपिंग मैकेनिज्म' (mapping mechanism) जोड़ा गया है। इसके जरिए आवेदक अपने, अपने माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी के उन विवरणों को दे सकते हैं जो पहले की मतदाता सूचियों में दर्ज थे। इसका उद्देश्य आवेदकों को अपनी पात्रता साबित करने में मदद करना है, ताकि 'दावे और आपत्तियों' (claims and objections) के चरण में उन्हें अतिरिक्त सहायक दस्तावेज जमा न करने पड़ें—बशर्ते वे संबंधित विवरण उपलब्ध करा सकें।
आयोग ने कहा, "इस प्रकार, जैसा कि आरोप लगाया गया है, 3 SIR आदेशों के जरिए फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।" आयोग ने आगे कहा कि घोषणा को अधिक तर्कसंगत बनाया गया है और मैपिंग केवल एक वैकल्पिक सुविधा है। आयोग ने यह भी बताया कि यह घोषणा शुरू में 24 जून 2025 के SIR आदेश के साथ 'अनुलग्नक D' (Annexure D) के रूप में दी गई थी, जिसे बाद में 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 के आदेशों में 'अनुलग्नक IV' (Annexure IV) से बदल दिया गया।
ECI ने कहा कि यदि आवेदक खुद को पिछली मतदाता सूचियों से जोड़ने वाले विवरण नहीं दे पाते हैं, तो उन्हें निर्धारित सहायक दस्तावेज जमा करने होंगे। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) एक नोटिस जारी कर सकते हैं और, जहाँ आवश्यक हो, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई का अवसर भी दे सकते हैं।
हलफनामे में ऑनलाइन आवेदनों में 'फॉर्म 6' और 'SIR घोषणा' को अलग करने के बाद के निर्णय का भी उल्लेख किया गया है, जिससे डिजिटल प्रक्रिया को भौतिक आवेदन प्रक्रिया के अनुरूप बनाया जा सके। इसमें कहा गया है कि पहले इस घोषणा को ऑनलाइन 'फॉर्म 6' इंटरफेस में ही शामिल कर दिया गया था, ताकि आवेदक एक ही OTP और इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर का उपयोग करके पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकें, और उन्हें दोनों दस्तावेजों के लिए अलग-अलग प्रमाणीकरण (authentication) की आवश्यकता न पड़े।
ECI का कहना है कि SIR आदेश संविधान के अनुच्छेद 324 और 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023' के कानूनी ढांचे के तहत, तीन सदस्यीय आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों के आधार पर जारी किए गए थे।
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