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बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने के संकेत तटीय राज्यों में बारिश की आशंका
Ratna Netam
24 Oct 2026 8:48 PM IST

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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण देश के पूर्वी और दक्षिणी तटीय राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान जताया है कि 26 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिमी हिस्से में एक चक्रवाती तूफान विकसित हो सकता है। इसके बाद यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट की ओर पहुंच सकती है। संभावित चक्रवाती तूफान को देखते हुए तटीय इलाकों में मौसम की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), चेन्नई के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। शनिवार सुबह 8:30 बजे तक इस प्रणाली की तीव्रता में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह प्रणाली पहले डिप्रेशन और उसके बाद गहरे डिप्रेशन में बदल सकती है।
26 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान बनने की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 25 अक्टूबर तक गहरे डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद अनुकूल मौसमी परिस्थितियां मिलने पर 26 अक्टूबर को यह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।चक्रवाती तूफान बनने के बाद इसकी दिशा और गति बेहद महत्वपूर्ण होगी। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह प्रणाली आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, तूफान की वास्तविक तीव्रता, संभावित रास्ते और तट के करीब पहुंचने की स्थिति आगामी मौसम बुलेटिन से अधिक स्पष्ट होगी।
28 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है तूफान
IMD के अनुसार, संभावित चक्रवाती तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने, समुद्र में ऊंची लहरें उठने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका हो सकती हैमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाले चक्रवाती तूफानों की दिशा और तीव्रता में समय के साथ बदलाव संभव है। इसलिए तटीय इलाकों के लोगों के लिए मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।हालांकि, उपलब्ध पूर्वानुमान में तूफान के तट से टकराने की सटीक जगह और समय की पुष्टि नहीं की गई है।
तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय
इधर, तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र चेन्नई के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में पूर्वोत्तर मानसून काफी सक्रिय रहा।तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी और कराईकल में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिला है।पूर्वोत्तर मानसून तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा का महत्वपूर्ण स्रोत है। अक्टूबर से दिसंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणालियां इन इलाकों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करती हैं।
समुद्री क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
संभावित चक्रवाती तूफान के कारण बंगाल की खाड़ी के समुद्री क्षेत्रों में मौसम की स्थिति खराब हो सकती है। तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों के चलते मछली पकड़ने वाली नौकाओं तथा अन्य समुद्री गतिविधियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।ऐसी परिस्थितियों में मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। समुद्र में जाने से पहले मौसम की स्थिति और संबंधित प्रशासन के निर्देशों की जानकारी लेना आवश्यक है।
अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 और 26 अक्टूबर का समय इस मौसम प्रणाली के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।इसके बाद 27 और 28 अक्टूबर को इसकी दिशा, गति और तीव्रता के आधार पर तटीय क्षेत्रों में संभावित प्रभाव का आकलन किया जाएगा।फिलहाल मौसम विभाग बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही इस प्रणाली पर नजर बनाए हुए है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और आसपास के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आगामी मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।
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