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देशभर में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप, IMD ने कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी किया

New Delhi: देश के उत्तर भारत समेत अधिकतर राज्यों में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि फिलहाल राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी।
IMD ने बुधवार, 22 अप्रैल को जारी रिपोर्ट में कहा कि कई क्षेत्रों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रह सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।
किन राज्यों में लू का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार अलग-अलग राज्यों में हीटवेव की स्थिति इस प्रकार रहने की संभावना है:
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 24 और 25 अप्रैल को तेज लू का असर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 23 से 25 अप्रैल तक हीटवेव
पूर्वी उत्तर प्रदेश: 26 अप्रैल तक राहत नहीं
राजस्थान: 24 से 26 अप्रैल तक गंभीर गर्मी
मध्य प्रदेश: 23 से 26 अप्रैल तक लू का अलर्ट
विदर्भ और छत्तीसगढ़: 24 से 27 अप्रैल तक हीटवेव
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड: 23 अप्रैल को लू की स्थिति
इसके अलावा ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और गुजरात के कुछ हिस्सों में गर्म और नम हवाओं के कारण मौसम और अधिक असहज रहने की संभावना है।
IMD ने यह भी कहा है कि हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, कोंकण और गोवा में रात के समय भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा, जिससे रातें भी गर्म रहेंगी।
दक्षिण बंगाल में गंभीर स्थिति
दक्षिण बंगाल में भी गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पानागढ़ में तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री अधिक है।
इसी तरह बांकुड़ा में 43.2 डिग्री, आसनसोल में 42.5 डिग्री और पुरुलिया में 42.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। कोलकाता में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन नमी और उमस के कारण यहां भी गर्मी महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक और पूर्वी व तटीय क्षेत्रों में 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है।
लू क्या होती है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी क्षेत्र में लगातार दो या उससे अधिक दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहता है और सामान्य से काफी अधिक होता है, तो उसे लू कहा जाता है।
यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे हीटवेव घोषित किया जाता है।
लू के दौरान शरीर पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं जैसे:
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
चक्कर आना और कमजोरी
सिर दर्द
हीट स्ट्रोक का खतरा
IMD की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों को उपयोगी बताया गया है।
उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर में मौसम का बदलाव
जहां देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर है, वहीं उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जैसे क्षेत्रों में 28 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
इसके अलावा पूर्वी और उत्तर-पूर्व भारत में भी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
निष्कर्ष
देश के अधिकांश हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर गंभीर रूप से देखा जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम है।
ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने, धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है ताकि गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।





