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PM मोदी और अस सीसी की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा
Ratna Netam
13 Sept 2026 2:11 PM IST

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नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और मिस्र के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर चर्चा की। बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, वैश्विक चुनौतियों और विकास से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।
ब्रिक्स समिट 2026 भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सदस्य देशों के प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं। दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातों का सिलसिला जारी रखा। इसी क्रम में मिस्र के राष्ट्रपति अस-सिसी के साथ हुई बैठक को भारत-मिस्र संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत-मिस्र संबंधों को नई मजबूती देने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और मिस्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मिस्र भारत के लिए पश्चिम एशिया और अफ्रीका क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। वहीं, भारत भी मिस्र के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को लगातार विस्तार दे रहा है। दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं, जिनमें बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, तकनीक और खाद्य सुरक्षा प्रमुख हैं।
ब्रिक्स मंच पर वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन वैश्विक अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और विकासशील देशों की भूमिका जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर जोर दिया।
ब्रिक्स नेताओं ने नई दिल्ली घोषणा-पत्र को भी मंजूरी दी, जिसमें वैश्विक चुनौतियों, शांति, स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग को लेकर कई मुद्दों पर सहमति बनी।
मिस्र की बढ़ती भूमिका
मिस्र वर्ष 2024 में ब्रिक्स समूह का सदस्य बना था और अब संगठन में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रपति अस-सिसी ने सम्मेलन के दौरान विकासशील देशों के सामने मौजूद आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों पर अपनी बात रखी।
मिस्र की रणनीतिक स्थिति और व्यापारिक महत्व को देखते हुए भारत उसके साथ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी की कई नेताओं से मुलाकात
ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में आपसी सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में कहा कि ब्रिक्स की साझेदारी अब साझा दृष्टिकोण को वास्तविक सहयोग में बदल रही है और संगठन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
भारत की कूटनीतिक रणनीति पर नजर
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। भारत इस मंच के जरिए विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अस-सिसी की बैठक से दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले समय में व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में भारत-मिस्र साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
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