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सात वीरों को मरणोपरांत कीर्ति चक्र देखें सम्मानित जवानों की सूची

Ratna Netam
14 Aug 2026 9:53 PM IST
सात वीरों को मरणोपरांत कीर्ति चक्र देखें सम्मानित जवानों की सूची
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नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 78 कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। सम्मानित होने वाले रणबांकुरों में 13 को पुरस्कार मरणोपरांत दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए वीरता पुरस्कार पाने वाले अधिकारियों और जवानों की सूची जारी की।
इन 78 वीरता पुरस्कारों में नौ कीर्ति चक्र शामिल हैं, जिनमें सात मरणोपरांत दिए जाएंगे। इसके अलावा एक शौर्य चक्र बार, 19 शौर्य चक्र जिनमें एक मरणोपरांत, पांच सेना पदक बार (वीरता), 36 सेना पदक (वीरता) जिनमें पांच मरणोपरांत, तीन नौसेना पदक (वीरता) और पांच वायुसेना पदक (वीरता) शामिल हैं। राष्ट्रपति ने विभिन्न सैन्य अभियानों के लिए 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेज’ को भी मंजूरी दी है।
कीर्ति चक्र पाने वालों में सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल मानियो फ्रांसिस और मेजर जितेंद्र राठी शामिल हैं। सेना के हवलदार गजेंद्र सिंह को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा। गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बलों से हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, कांस्टेबल जसवंत सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह, कांस्टेबल तारिक हुसैन, हेड कांस्टेबल बशीर अहमद और एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र देने की मंजूरी दी गई है।
कीर्ति चक्र भारत का शांति काल में दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। वीरता सम्मान की इस श्रेणी में अशोक चक्र सर्वोच्च पुरस्कार है। कीर्ति चक्र असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और विपरीत परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करने वाले सैन्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों एवं पात्र नागरिकों को प्रदान किया जाता है।
सेना की राजपूताना राइफल्स के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को ‘बार टू शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा। वह वर्तमान में 44 असम राइफल्स के साथ तैनात हैं। उनके नाम के साथ पहले से शौर्य चक्र और सेना पदक दर्ज है। उन्हें इससे पहले भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में उग्रवादियों के विरुद्ध चलाए गए एक अभियान में अद्वितीय वीरता प्रदर्शित करने के लिए शौर्य चक्र दिया गया था।
शौर्य चक्र पाने वाले 19 रणबांकुरों में सेना के मेजर परमवीर, मेजर तरुण वासुदेवन, मेजर केशव कुमार, मेजर गौरव सिंह बृजवाल और मेजर विपिन कुमार शामिल हैं। इनके अलावा नायब सूबेदार शंकर राम, नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, हवलदार जगत्तर सिंह, लांस नायक नरेंद्र सिंधु, लांस नायक कपिल देव और सिपाही जसविंदर सिंह को भी सम्मानित किया जाएगा।
नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार और वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार को भी शौर्य चक्र देने की मंजूरी दी गई है। गृह मंत्रालय से पुलिस उपाधीक्षक धीरज सिंह कटोच, इंस्पेक्टर अजय सिंह चिब, पुलिस उपाधीक्षक सुखवीर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक नियाज अहमद, डिप्टी कमांडेंट अंजनी कुमार और कांस्टेबल दीपक साह को शौर्य चक्र के लिए चुना गया है।
शौर्य चक्र भारत में शांति काल में प्रदान किया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने युद्ध क्षेत्र से अलग परिस्थितियों में अद्वितीय साहस, आत्मबलिदान या जोखिम की परवाह किए बिना कर्तव्य का निर्वहन किया हो। आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों में असाधारण बहादुरी दिखाने वाले जवानों को भी यह सम्मान दिया जाता है।
वीरता पुरस्कारों के साथ इस्तेमाल होने वाले ‘बार’ का अर्थ है कि संबंधित व्यक्ति को उसी श्रेणी के वीरतापूर्ण कार्य के लिए दोबारा चुना गया है। यदि किसी जवान को पहले शौर्य चक्र मिल चुका है और वह बाद में फिर उसी पुरस्कार के योग्य साहस दिखाता है तो उसे दूसरा अलग पदक देने के बजाय मूल पदक के रिबन पर धातु की एक पट्टी लगाई जाती है। इसी को ‘बार’ कहा जाता है। प्रत्येक बाद के योग्य वीरतापूर्ण कार्य के लिए एक अतिरिक्त बार प्रदान किया जा सकता है।
इन सम्मानों के माध्यम से देश उन जवानों के साहस और बलिदान को नमन करेगा जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना कर्तव्य का निर्वहन किया।
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