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दिल्ली में अवैध रूप से ठहरने के आरोप में सात अफ्रीकी नागरिक हिरासत में

Kavita2
8 Aug 2026 1:35 PM IST
दिल्ली में अवैध रूप से ठहरने के आरोप में सात अफ्रीकी नागरिक हिरासत में
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध रूप से निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के आरोप में सात अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान के तहत की गई। हिरासत में लिए गए लोगों में पांच नाइजीरियाई और दो घाना के नागरिक शामिल हैं। पुलिस अब इनके इमिग्रेशन स्टेटस और भारत में रहने से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पांडव नगर थाना पुलिस की टीमों ने की। पुलिस को कुछ विदेशी नागरिकों के भारत में रहने की वैधता को लेकर जानकारी मिली थी। इसके बाद टीमों ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके ठिकानों की पुष्टि के लिए अभियान चलाया गया।

खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कार्रवाई से पहले टीमों ने गुप्त रूप से जानकारी जुटाई। स्थानीय सूत्रों से पूछताछ के अलावा उपलब्ध सरकारी और इमिग्रेशन रिकॉर्ड की भी जांच की गई। इसके आधार पर उन विदेशी नागरिकों के ठिकानों की पहचान की गई, जिनकी भारत में रहने की स्थिति की पुष्टि की जानी थी।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सात अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। इनमें पांच नागरिक नाइजीरिया और दो घाना से हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इन लोगों के दस्तावेजों और इमिग्रेशन रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उन्होंने भारत में प्रवेश कब किया था, उन्हें कितने समय तक रहने की अनुमति मिली थी और क्या निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी वे यहां रह रहे थे।

चार नाइजीरियाई नागरिक 4 अगस्त को हिरासत में

पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान 4 अगस्त को हिरासत में लिए गए चार विदेशी नागरिकों की पहचान नाइजीरियाई नागरिकों के रूप में हुई है। इनकी पहचान ओसिता नकेमेन (54), न्गोता सिंथिया (38), जेम्स (25) और लिवी ओतुघाना (27) के तौर पर की गई है।

पुलिस अब इनके पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भारत में रहने के दौरान इन लोगों ने किन गतिविधियों में हिस्सा लिया और वे किन स्थानों पर रह रहे थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विदेशी नागरिक के खिलाफ आगे की कार्रवाई दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही तय की जाएगी।

स्थानीय जानकारी जुटाकर चिन्हित किए गए ठिकाने

पांडव नगर पुलिस की टीम ने विदेशी नागरिकों के संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने पहले उपलब्ध रिकॉर्ड का अध्ययन किया और उसके बाद क्षेत्र में लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल की।

इसके बाद पुलिस टीमों ने संबंधित स्थानों पर पहुंचकर विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की। इस प्रक्रिया के दौरान सात लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि दिल्ली में रह रहे विदेशी नागरिकों के इमिग्रेशन दस्तावेज वैध हों और वे निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हों।

इमिग्रेशन स्टेटस की जांच

हिरासत में लिए गए लोगों के मामले में सबसे महत्वपूर्ण जांच उनके इमिग्रेशन स्टेटस की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित नागरिकों को भारत में रहने की कितनी अवधि की अनुमति मिली थी और क्या उन्होंने निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रहना जारी रखा।

यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी विदेशी नागरिक ने वीजा या अनुमति की अवधि समाप्त होने के बाद भारत में रहना जारी रखा, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगी।

दस्तावेजों के सत्यापन पर आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मामले में जांच जारी है। हिरासत में लिए गए सभी सात लोगों के दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन नागरिकों ने भारत में प्रवेश के समय कौन से दस्तावेज पेश किए थे और बाद में उनकी इमिग्रेशन स्थिति में कोई बदलाव हुआ था या नहीं।

जांच के दौरान यदि किसी दस्तावेज में विसंगति या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दी जा सकती है।

विदेशी नागरिकों की निगरानी पर जोर

दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक यहां शिक्षा, रोजगार, कारोबार और अन्य उद्देश्यों से आते हैं। ऐसे में पुलिस और इमिग्रेशन एजेंसियों के लिए विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों तथा उनके भारत में रहने की वैधता की निगरानी महत्वपूर्ण होती है।

पुलिस समय-समय पर ऐसे अभियान चलाती है, जिनका उद्देश्य निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले या दस्तावेजों से संबंधित नियमों का पालन नहीं करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करना होता है।

पांडव नगर पुलिस की यह कार्रवाई भी इसी तरह के सत्यापन अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

आगे क्या होगा?

पुलिस अब सातों नागरिकों के दस्तावेजों की जांच के साथ उनके इमिग्रेशन रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि वे किस उद्देश्य से भारत आए थे और उनकी वीजा या अन्य अनुमति की स्थिति क्या है।

यदि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रहने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों की ओर से कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि दस्तावेजों की जांच में उनका स्टेटस वैध पाया जाता है, तो उसी आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल दिल्ली पुलिस ने सात अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में लेकर उनके इमिग्रेशन स्टेटस की जांच शुरू कर दी है। पांच नाइजीरियाई और दो घाना के नागरिकों से जुड़े इस मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में किन लोगों ने भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक प्रवास किया और उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।

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